सिर्फ 2 सिंचाई में पककर तैयार होगा गेहूं, खरगोन के किसान लगाएं ये वैरायटी
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Agri: खरगोन जिले में रबी सीजन के तहत गेहूं की खेती के लिए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल्दी, समय पर और देरी से बुवाई के लिए उन्नत किस्मों का चयन करने की सलाह दी है. सही किस्म और समय के चयन से बंपर उत्पादन मिल सकता है.
Best Wheat Varieties: रबी सीजन शुरू होते ही खरगोन जिले के किसान गेहूं की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं. जिले में गेहूं प्रमुख रबी फसलों में शामिल है और बड़ी संख्या में किसान इसकी खेती करते हैं. लेकिन अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ खाद और पानी ही जरूरी नहीं है, बल्कि सही किस्म का चुनाव भी काफी मायने रखता है. अगर किसान बुवाई के समय और वैरायटी का सही चयन कर लें तो बेहतर उत्पादन के साथ गेहूं की गुणवत्ता भी अच्छी मिलती है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल्दी, समय पर और देरी से बुवाई के लिए अलग-अलग उन्नत किस्मों का चयन करने की सलाह दी है.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि, जिन किसानों के पास सिंचाई के सीमित साधन हैं, उन्हें लिए जल्दी पकने वाली (अर्ली) गेहूं की किस्में लगाना चाहिए. एचआई 1531 (हर्षिता), एचडी 2987 (पूसा बहार) और एचआई 1605 (पूसा उजाला) प्रमुख अर्ली वैरायटी हैं. ये किस्में लगभग 130 से 135 दिनों में महज 2 सिंचाई में ही पककर तैयार हो जाती हैं. किसान इनकी बुवाई 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच कर सकते हैं.
किसानों के लिए ये वैरायटी हे सबसे बेस्ट
डॉ. राजीव सिंह बताते हैं कि जिन किसानों के खेत समय पर तैयार हो जाते हैं, ओर पानी की पर्याप्त व्यवस्था है. वे 15 से 30 नवंबर के बीच गेहूं की बुवाई कर सकते हैं. इस अवधि के लिए एचआई 1544, जीडब्ल्यू 322, जीडब्ल्यू 366, एचआई 1636 और एचआई 1658 प्रमुख किस्में हैं. इनका गेहूं चपाती बनाने के लिए अच्छा माना जाता है. इन किस्मों से बनी रोटी नरम और स्वादिष्ट होती है, इसलिए बाजार में भी इनकी मांग रहती है.
5 से 6 सिंचाई में मिल सकता है अच्छा उत्पादन
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन किसानों के पास 5 से 6 बार सिंचाई की सुविधा है, वे इन किस्मों से बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. अनुकूल परिस्थितियों और उचित फसल प्रबंधन में प्रति एकड़ 18 से 20 क्विंटल तक पैदावार ले सकते है. इसलिए समय पर बुआई करने वाले किसानों के लिए ये किस्में सबसे उपर्युक्त मानी जाती है.
खेत देर से खाली होने पर
खरगोन में कई बार किसानों के खेत खरीफ फसल कपास की कटाई देसी से होने के कारण नवंबर के आखिर अथवा दिसंबर में खाली होते हैं. ऐसे किसानों के लिए भी गेहूं की कुछ किस्में उपलब्ध हैं. देरी से बुवाई करने वाले किसान JW 1202, JW 1203, NP 3336, राज 4238, HD 2932 और HI 1634 जैसी किस्मों का चयन कर सकते हैं. ये किस्में रोटी के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं और इनके दाने भी अच्छे आकार के होते हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि देरी से बुवाई की स्थिति में समय पर सिंचाई और फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है.