16 Flights Bomb Threats : एक साथ 16 उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी, बचाने के लिए भेजने पड़े फाइटर जेट्स

16 Flights Bomb Threats : एक साथ 16 उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी, बचाने के लिए भेजने पड़े फाइटर जेट्स


यूरोप का आसमान इस वक्त जंग का मैदान बनता दिख रहा है. यहां एक साथ 16 उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकियों ने पूरे यूरोप में सनसनी फैला दी है. हालात इतने बेकाबू हो गए कि कई विमानों को बीच रास्ते में ही डायवर्ट करना पड़ा, कुछ की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. सिर्फ यही नहीं कई उड़ानों की सिक्योरिटी के लिए आसमान में फाइटर जेट्स तक भेजने पड़े. पोलैंड से लेकर चेक गणराज्य, बुल्गारिया, फ्रांस और इटली तक ऐसा खौफ फैला की एविएशन इंडस्ट्री से सरकारें तक कांप गईं.

यूरोप की फ्लाइट्स में मचने लगी हलचल

गुरुवार का दिन यूरोपीय एविएशन इंडस्ट्री के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा. एक के बाद एक कई एयरलाइंस को बम से उड़ाने की फर्जी या असली धमकियां मिलने लगीं. डर इतना ज्यादा था कि एयरपोर्ट्स पर तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए.

पोलैंड की नेशनल एयरलाइन ‘LOT’ के साथ दो बड़ी घटनाएं हुईं. वारसा से ब्रुसेल्स जा रही एक फ्लाइट को आनन-फानन में सुरक्षित उतारा गया, हालांकि जांच के बाद उसमें कुछ नहीं मिला. वहीं, पेरिस जाने वाली एक दूसरी फ्लाइट को टेकऑफ करने से ठीक पहले रोक दिया गया और एहतियात के तौर पर यात्रियों को दूसरे विमान में शिफ्ट करना पड़ा.

ये सिर्फ पोलैंड तक सीमित नहीं था. चेक गणराज्य, बुल्गारिया, फ्रांस और इटली तक इसका असर दिखा. चेक पुलिस को प्राग आने वाली चार अलग-अलग उड़ानों के बारे में धमकियां मिलीं. हालांकि शुरुआती जांच में इन्हें कम खतरे वाला माना गया, फिर भी लैंडिंग के बाद हर विमान की चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली गई.

फाइटर जेट्स का पहरा और बीच हवा में बदले रास्ते

इस पूरे ड्रामे के दौरान सबसे डरावनी तस्वीर तब सामने आई जब आसमान में जेट फाइटरों को उतारना पड़ा.

  1. फिनएयर की उड़ान: हेलसिंकी से रोम जा रहे एक विमान को इटली की वायुसेना के फाइटर जेट्स ने हवा में ही घेर लिया और एस्कॉर्ट करते हुए सुरक्षित नीचे उतारा. इसी कंपनी की एक और फ्लाइट, जो वियना जा रही थी, को भी धमकी मिली थी, हालांकि वह जैसे-तैसे अपनी मंजिल पर उतरी.
  2. एयर लिंगस: डबलिन से रोम जा रही इस फ्लाइट (EI402) को बीच रास्ते में ही डायवर्ट करना पड़ा और पेरिस से करीब 100 किलोमीटर दूर फ्रांस के एव्रेक्स एयरपोर्ट पर इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
  3. विज एयर: मिलान से वारसा जा रही इस फ्लाइट को बम की धमकी के बाद ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा.

मंगलवार का ट्रेलर और गुरुवार का बड़ा धमाका

चौंकाने वाली बात ये है कि ये कोई इकलौती घटना नहीं है. इससे ठीक दो दिन पहले यानी मंगलवार को भी ऐसा ही एक दौर आया था, जब कम से कम 7 उड़ानों और एक क्रूज शिप को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. हालांकि गनीमत ये रही कि इन तमाम चेकिंग के बाद किसी भी विमान में कोई विस्फोटक या बम नहीं मिला.

लेकिन बार-बार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. जानकारों का मानना है कि ये धमकियां भले ही बाद में अफवाह साबित हो रही हों, लेकिन इनके पीछे का मकसद कुछ और ही हो सकता है.

साइबर अटैक और सुपरमार्केट के ठप होते सिस्टम: क्या है असली साजिश?

मामला सिर्फ उड़ानों तक सीमित नहीं है. इसी हफ्ते यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को अज्ञात हैकर्स ने अचानक बंद कर दिया, जिससे खाने-पीने की चीजों के खराब होने का खतरा पैदा हो गया.

एविएशन साइबर सिक्योरिटी फर्म ‘साइविएशन’ के चीफ एग्जीक्यूटिव एलिरन अल्मोग का कहना है कि इन दोनों घटनाओं को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता. उनके मुताबिक, बार-बार मिल रही ये धमकियां सिर्फ दहशत फैलाने के लिए नहीं हैं, बल्कि ये देखने के लिए एक ‘ड्रिल’ हो सकती है कि यूरोपीय देश, एयरपोर्ट्स और एयरलाइंस इस तरह के संकट पर कैसे रिएक्ट करते हैं.

यानी दुश्मन देश या संगठन ये परख रहे हैं कि आपातकाल की स्थिति में यूरोप का डिफेंस और एडमिनिस्ट्रेशन कितनी जल्दी और कैसे कदम उठाता है.

किसकी है ये चाल? रूस और ईरान पर उठ रही उंगलियां

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यूरोप के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. पश्चिमी अधिकारी दबी जुबान में इसे ‘हाइब्रिड ऑपरेशंस’ और तोड़फोड़ का नाम दे रहे हैं. उनका इशारा साफ तौर पर रूस और ईरान की तरफ है. हालांकि, रूस और ईरान दोनों ने ही इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

सुरक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये कम लागत वाला ‘लो-कॉस्ट डिसरप्शन’ का एक नया तरीका है. ऐसे हमलों को ट्रेस करना और ये साबित करना बहुत मुश्किल होता है कि इसके पीछे असल में कौन बैठा है. बिना एक भी गोली चलाए पूरे महाद्वीप की व्यवस्था को ठप कर देना इस नए दौर के युद्ध का सबसे खतरनाक हथियार बन चुका है.

फ्लाइट स्केयर के पीछे का सच

यूरोप के आसमान में मंडराता ये खतरा इस बात की गवाही दे रहा है कि आधुनिक दुनिया में युद्ध के तरीके पूरी तरह बदल चुके हैं. कभी बम धमाकों से डर पैदा किया जाता था, तो अब फर्जी धमकियों और साइबर हमलों से पूरे सिस्टम को मानसिक और आर्थिक रूप से अपाहिज बनाया जा रहा है. जब तक यूरोपीय एजेंसियां इस मिस्ट्री को पूरी तरह सुलझा नहीं लेतीं, तब तक यात्रियों के दिलों में बैठा ये डर और आसमान में मंडराता ये संकट यूं ही बना रहेगा.



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