रायपुर में चखें बिहार का मशहूर लिट्टी-चोखा, स्वाद के दीवानों की उमड़ रही भीड़!
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दुकान चलाने वाले भैया बताते हैं कि वे साल 2000 में रायपुर आए थे. उस समय शहर में लिट्टी-चोखा बहुत कम लोग जानते थे। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में अपनी दुकान शुरू की। आज लोग उनके बनाए लिट्टी-चोखा को काफी पसंद करते हैं. ग्राहक खाने के बाद तारीफ करते हैं, जिससे उन्हें खुशी मिलती है.
अगर आपको कुछ देसी और पारंपरिक खाने का मन है, तो रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर में बिहार का मशहूर लिट्टी-चोखा खाने को मिल रहा है। आटे से बनी लिट्टी और उसके साथ चटपटा चोखा इसका स्वाद खास बनाते हैं. नए-नए और अलग तरह के खाने के शौकीन लोग यहां खिंचे चले आते हैं. दुकान पर सुबह से लेकर रात तक अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है.
साल 2014 से लोगों को आ रहा है पसंद
दुकान चलाने वाले भैया बताते हैं कि वे साल 2000 में रायपुर आए थे. उस समय शहर में लिट्टी-चोखा बहुत कम लोग जानते थे। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में अपनी दुकान शुरू की। आज लोग उनके बनाए लिट्टी-चोखा को काफी पसंद करते हैं. ग्राहक खाने के बाद तारीफ करते हैं, जिससे उन्हें खुशी मिलती है.
सुबह पराठे और दोपहर से रात तक लिट्टी-चोखा
दुकान सुबह ही खुल जाती है सुबह करीब 9 बजे से यहां गरमा-गरम सत्तू पराठा और आलू पराठा मिलने लगता है. इसके बाद दोपहर 1 बजे से स्पेशल लिट्टी-चोखा तैयार किया जाता है. ग्राहकों की भीड़ के चलते दुकान रात करीब 10 बजे तक खुली रहती है. कई बार 10 बजे के बाद भी लोग यहां लिट्टी-चोखा खाने पहुंचते हैं.
बिहार से रायपुर तक पहुंचा लिट्टी-चोखा का स्वाद
दुकानदार मूल रूप से बिहार के जहानाबाद (गया के पास) के रहने वाले हैं. उनका कहना है कि लिट्टी-चोखा बिहार का मशहूर स्ट्रीट फूड है, लेकिन अब रायपुर के स्थानीय लोग भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं। कई बार यहां बिहारियों से ज्यादा स्थानीय ग्राहक खाने पहुंचते हैं.न्यू राजेंद्र नगर में साल 2014 से चल रहा यह छोटा-सा स्टॉल अब देसी और पारंपरिक खाने के शौकीनों के बीच अपनी पहचान बना चुका है.