पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए मैकेनाइज्ड सफाई, लगे 270 मिस्टिंग पोल & एंटी-स्मॉग गन
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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और धूल पर लगाम कसने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने द्वारका में 270 मिस्टिंग पोल और विभिन्न जोन में एंटी-स्मॉग गन तैनात किए हैं. सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई, 166 किमी लंबी सड़कों का रख-रखाव और वाटर स्प्रिंकलर से छिड़काव किया जा रहा है. इसके अलावा, धूल रोकने के लिए 21.24 लाख पौधे और 143 एकड़ में घास भी लगाई गई है. खुले में कूड़ा जलाने और निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है.
दिल्ली में प्रदूषण और धूल नियंत्रित करने के लिए डीडीए ने सड़कों पर पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल शुरू किया है. (Image: AI)
DDA Anti Pollution Campaign: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और धूल से निपटने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एंटी-पॉल्यूशन कैंपेन की शुरूआत की है. प्रदूषण से निपटने के लिए डीडीए ने सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई शुरू की है. पानी के छिड़काव के लिए मिस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं. डीडीए ने अलग-अलग इलाकों में 270 मिस्टिंग पोल और 4 एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं. इसके साथ ही, 21.24 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं और पार्कों के 143 एकड़ खाली पड़े हिस्सों में घास बिछाई गई है.
डीडीए ने नरेला में दो मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीन (एमआरएसएम) और सात वाटर स्प्रिंकलर तैनात किए हैं. रोहिणी में भी एक स्वीपिंग मशीन लगाई गई है. इन मशीनों की मदद से सड़कों पर जमा धूल को हटाया जा रहा है. नॉर्थ जोन में चार वाटर स्प्रिंकलर और एक एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई है. वहीं साउथ जोन में सात वाटर स्प्रिंकलर और तीन एंटी-स्मॉग गन लगाए गए हैं. प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए अब तक कुल चार एंटी-स्मॉग गन की तैनाती का दी गई है.
- द्वारका में 270 मिस्टिंग पोल लगाए: धूल को हवा में फैलने से रोकने के लिए द्वारका के कुल 11.8 किमी के दायरे में 270 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं. इनमें सेक्टर-8 में 3 किमी का नया नेटवर्क भी शामिल है. इस हिस्से में 66 मिस्टिंग पोल लगाए गए हैं. इसके अलावा मालेरिया इंस्टीट्यूट के आसपास 30 मीटर चौड़ी सड़क पर 26 पोल, रोड नंबर-226 पर 24 और रोड नंबर-202 पर 16 पोल लगाए गए हैं. हर मिस्टिंग पोल में 30 मिस्टिंग नोजल लगे हैं. इनसे सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक हर घंटे 10 से 15 मिनट के लिए पानी की बारीक फुहार छोड़ी जाती है. इसका मकसद सड़क पर मौजूद धूल को हवा में उड़ने से रोकना है.
- 166 किमी सड़कों की होगी मैकेनाइज्ड सफाई: रोहिणी जोन के सेक्टर-26, 29, 30, 34, 35, 36 और 37 में 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों की मैकेनाइज्ड सफाई की जा रही है. इन इलाकों में करीब 166 किमी सड़क की सफाई एक दिन छोड़कर की जाएगी. सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि फुटपाथ, साइड बर्म और साइकिल ट्रैक की भी सफाई की जाएगी. डीडीए ने द्वारका में धूल को नियंत्रित करने के लिए सात अतिरिक्त वाटर स्प्रिंकलर लगाने का टेंडर भी जारी किया है.
- खुले में कूड़ा जलाने वालों पर भी नजर: डीडीए ने प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए जिला और सब-डिवीजन स्तर पर विशेष टीमें बनाई हैं. ये टीमें खुले में कूड़ा जलाने, मलबा फेंकने और धूल फैलाने वाली गतिविधियों पर नजर रखेंगी. निर्माण स्थलों पर सीमेंट, रेत और दूसरी निर्माण सामग्री को ग्रीन नेट से ढकना भी जरूरी किया जा रहा है, ताकि इनसे निकलने वाली धूल हवा में न फैले. डीडीए 311 ऐप, ग्रीन दिल्ली और SAMEER ऐप पर मिलने वाली प्रदूषण संबंधी शिकायतों की भी निगरानी की जा रही है. शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीमों को कार्रवाई और उसके निपटारे के निर्देश दिए जा रहे हैं. ग्रैप के दूसरे चरण के तहत जरूरी उपायों को लागू करने के लिए फील्ड स्टाफ को भी निर्देश दिए गए हैं.
- 21.24 लाख पौधे लगाए, 143 एकड़ में बिछाई घास: प्रदूषण से निपटने के लिए डीडीए का हॉर्टिकल्चर विभाग भी हरियाली बढ़ाने पर काम कर रहा है. चालू वित्त वर्ष में अब तक 21.24 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा पार्कों में 143 एकड़ के खाली और सूखे हिस्सों में घास लगाई गई है. सड़कों के किनारे करीब 8 किमी क्षेत्र को भी हरियाली से कवर किया गया है. डीडीए के अनुसार, पार्कों और सड़कों के किनारे पेड़-पौधों को पानी से धोया जा रहा है. पार्कों के वॉकिंग ट्रैक पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि वहां जमा धूल दोबारा हवा में न उड़ सके.
खुले स्थानों में आयोजनों को भी हतोत्साहित किया जा रहा
दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए डीडीए ने अपने पार्क की बुकिंग को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. डीडीए के इस फैसले के तहत उनकी खुली जगहों पर आयोजनों के लिए होने वाली बुकिंग को हतोत्साहित करेगी. डीडीए का कहना है कि सर्दियों के दौरान दिल्ली में धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ये सभी उपाय लगातार जारी रखे जाएंगे. सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव, मिस्टिंग, पौधारोपण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई के जरिए हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश की जा रही है.