कानपुर के उस बगीचे की कहानी, जिसके लिए जमकर हुआ खून-खराबा, खूब दागी गई गोलियां

कानपुर के उस बगीचे की कहानी, जिसके लिए जमकर हुआ खून-खराबा, खूब दागी गई गोलियां


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कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के दहेली उजागर गांव में बुधवार दोपहर जमीन पर लगे चार आम के पेड़ को लेकर विवाद खड़ा हो गया. बताया जा रहा है कि अखिलेश राजपूत के परिवार ने करीब दो साल पहले तीन बीघा जमीन खरीदी थी. वहीं दूसरे पक्ष ने इससे सटी हुई जमीन पर बाग खरीदा था. जमीन की मेढ़ पर पिलर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया.

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कानपुर में जमीनी विवाद को लेकर हुई फायरिंग.

कानपुरः उत्तर प्रदेश के कानपुर में मामूली बात इस कदर बढ़ गई कि मामला फायरिंग तक आ गया. जमीन के विवाद ने संघर्ष का रूप ले लिया. बिधनू के दहेली उजागर गांव में 4आम के पेड़ लगे हुए थे, उसी जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते मां मौजूद राइफल लेकर पहुंचे मुन्ना सिंह रौब जमाने के लिए जमीन पर फायरिंग की. इस दौरान छर्रे लगने से चार लोग घायल हो गए. मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी मुन्ना सिंह और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है.

चार आम के पेड़ को लेकर हुआ विवाद
यह घटना कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के दहेली उजागर गांव की है, जहां बुधवार दोपहर जमीन पर लगे चार आम के पेड़ को लेकर विवाद खड़ा हुआ. बताया जा रहा है कि अखिलेश राजपूत के परिवार ने करीब दो साल पहले तीन बीघा जमीन खरीदी थी. वहीं दूसरे पक्ष ने इससे सटी हुई जमीन पर बाग खरीदा था. जमीन की मेढ़ पर पिलर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया. आरोप है कि मुन्ना सिंह उर्फ अजय पाल सिंह और उसके साथियों ने असलहा निकालकर फायरिंग शुरू कर दी. कई राउंड गोलियां जमीन और आसमान पर चलाई.

आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
इस दौरान छर्रे लगने से महेश राजपूत, अखिलेश, शीबू और साहिल घायल हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. बाद में उन्हें हैलट अस्पताल रेफर किया गया. घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मुन्ना सिंह उर्फ अजय पाल सिंह और उसके बेटे शशिकांत उर्फ गोपू को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लाइसेंसी 12 बोर बंदूक भी जब्त कर ली है. अधिकारियों के मुताबिक चारों घायलों की हालत खतरे से बाहर है.

पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी को किया लाइन हाजिर
वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने विधनू के थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव में लाइन हाजिर कर दिया है और जांच एडिशनल डीसीपी को दे दे दी गई है वहीं इस पूरे मामले पर आरोपी के असला को निरस्त करने की संस्तुति भी कर दी गई है.



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