बिहार में क्यों मचा है बवाल? इधर MLC चुनाव के नतीजों पर JDU नाराज, उधर बहाली की जांच शुरू

बिहार में क्यों मचा है बवाल? इधर MLC चुनाव के नतीजों पर JDU नाराज, उधर बहाली की जांच शुरू


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Bihar News : बिहार में विधान परिषद चुनाव के बाद NDA के भीतर सियासी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है. जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर जीतने वाले दो निर्दलीय MLC राहुल राज और वंशीधर ब्रजवासी के बीजेपी में शामिल होने से जेडीयू की नाराजगी सामने आई है. इस बीच पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की दोबारा दक्षता जांच शुरू होने से नया विवाद खड़ा हो गया है.

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बिहार की राजनीति में इन दिनों विधान परिषद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है.

पटना. बिहार की राजनीति में इन दिनों विधान परिषद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत और फिर उनके बीजेपी में शामिल होने के बाद एनडीए के भीतर खींचतान की चर्चा तेज हो गई है. खास बात यह है कि दोनों उम्मीदवारों ने चुनाव में जेडीयू के प्रत्याशियों को हराया था. अब इस पूरे घटनाक्रम के बीच विधान परिषद में पहले हुई नियुक्तियों की जांच शुरू होने से सियासी विवाद और गहरा गया है. विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी इस पर जवाब दिया जा रहा है.

दरअसल, बिहार में इसी महीने विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनाव हुए थे. इनमें सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से वंशीधर ब्रजवासी ने जीत दर्ज की. दोनों उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव मैदान में थे और उन्होंने जेडीयू के प्रत्याशियों को हराया था. चुनाव जीतने के बाद दोनों बीजेपी में शामिल हो गए. इस घटनाक्रम के बाद जेडीयू में नाराजगी की चर्चा है. पार्टी ने चुनाव में मिली हार की समीक्षा के लिए बैठक भी बुलाई है.

बहाली की जांच शुरू होने से बढ़ा विवाद

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच बिहार विधान परिषद में पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच शुरू कर दी गई है. मौजूदा सभापति रामबचन राय ने इन नियुक्तियों से जुड़ी प्रक्रिया की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है. विपक्ष का आरोप है कि यह कार्रवाई बीजेपी पर नैतिक दबाव बनाने के मकसद से की जा रही है. इस मुद्दे पर आरजेडी और कांग्रेस ने सत्ता पक्ष पर सवाल उठाए हैं.

सात पदों पर हुई बहाली की दोबारा दक्षता जांच

जानकारी के मुताबिक, बीजेपी कोटे से सभापति रहे अवधेश नारायण सिंह ने पद छोड़ने से कुछ दिन पहले विज्ञापन संख्या 02/2025 जारी किया था. इसके तहत विधान परिषद में सात निजी सहायक और स्टेनोग्राफर पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की गई थी. परीक्षा का अंतिम परिणाम भी घोषित कर दिया गया था. हालांकि, अब इन पदों पर चयनित सात अभ्यर्थियों को दोबारा दक्षता जांच के लिए बुलाया गया. यह जांच बुधवार को निर्धारित थी, लेकिन जानकारी के मुताबिक कोई भी अभ्यर्थी इसमें शामिल नहीं हुआ. सूत्रों के अनुसार, अभ्यर्थियों को यह भी निर्देश दिया गया था कि अगर वे दोबारा दक्षता जांच में शामिल नहीं होते हैं तो उन्हें नौकरी करने का मौका नहीं दिया जाएगा.

विपक्ष ने उठाए सवाल, सत्ता पक्ष का भी आएगा पक्ष

इस पूरे मामले को लेकर आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने भी बहाली की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं. दूसरी ओर, बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने इस मामले में पार्टी का पक्ष रखा. अब इस पूरे विवाद के दो अहम पहलू हैं. एक तरफ चुनाव में जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर जीते दो निर्दलीय सदस्यों का बीजेपी में जाना है, तो दूसरी तरफ पूर्व सभापति के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की दोबारा जांच. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विधान परिषद की बहाली की जांच महज प्रशासनिक प्रक्रिया है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी छिपा है. इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव आगे भी देखने को मिल सकता है.



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