Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल की खूबसूरत वादियां अब पर्यटकों को सिर्फ झीलों, पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों के लिए ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगे पक्षियों की दुनिया से रूबरू कराने के लिए भी खास पहचान दिलाएंगी. पर्यटन विभाग ने जिले में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है. इसके तहत नैनीताल में पंजीकृत टूरिस्ट गाइडों को बर्ड वाचिंग का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा.
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये गाइड पर्यटकों को बर्ड वाचिंग टूर पर ले जा सकेंगे और उन्हें क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न पक्षी प्रजातियों के बारे में जानकारी दे सकेंगे. पर्यटन विभाग की इस पहल से जहां स्थानीय टूरिस्ट गाइडों के कौशल में बढ़ोतरी होगी, वहीं नैनीताल में पर्यटन के नए विकल्प भी विकसित होंगे. खास बात यह है कि इस प्रशिक्षण के लिए गाइडों को कोई शुल्क नहीं देना होगा. विभाग की ओर से प्रशिक्षण के दौरान उनके रहने और खाने की व्यवस्था भी निशुल्क की जाएगी. इसके साथ ही प्रशिक्षण पूरा करने वाले गाइडों को पर्यटन विभाग की ओर से लाइसेंस भी जारी किया जाएगा, जिससे वे बर्ड वाचिंग गाइड के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे.
पंगोट में मिलती हैं 350 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां
नैनीताल शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित पंगोट पक्षी प्रेमियों के बीच अपनी अलग पहचान रखता है. यह क्षेत्र लंबे समय से बर्ड वाचिंग के लिए प्रसिद्ध रहा है. यहां के घने जंगल, प्राकृतिक वातावरण और अनुकूल परिस्थितियां पक्षियों की कई प्रजातियों को आकर्षित करती हैं. जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या के अनुसार, पंगोट क्षेत्र में 350 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं. यही वजह है कि देश-विदेश से पक्षी प्रेमी और प्रकृति के शौकीन यहां पहुंचते हैं. उन्होंने बताया कि नैनीताल और आसपास के जंगलों में बर्ड वाचिंग की काफी संभावनाएं हैं. इसे देखते हुए स्थानीय टूरिस्ट गाइडों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है. अभी तक पर्यटक नैनीताल आने पर झील, पहाड़ और आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर करते हैं, लेकिन प्रशिक्षित गाइडों की मदद से उन्हें स्थानीय पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में भी विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा.
25 से 30 गाइडों को मिलेगी 10 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग
जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने बताया कि शुरुआती चरण में लगभग 25 से 30 स्थानीय टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षण देने की योजना है. इसके लिए ऐसे गाइडों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहले से नगरपालिका में पंजीकृत हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम लगभग 10 दिनों का होगा. इस दौरान गाइडों को पक्षियों की पहचान, उनकी विभिन्न प्रजातियों, प्राकृतिक आवास और बर्ड वाचिंग से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाएंगी. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के रहने और भोजन की व्यवस्था पर्यटन विभाग की ओर से पूरी तरह निशुल्क की जाएगी. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विभाग की ओर से उन्हें लाइसेंस भी प्रदान किया जाएगा. इससे गाइड पर्यटन क्षेत्र में अपनी मौजूदा सेवाओं के साथ बर्ड वाचिंग टूर का विकल्प भी जोड़ सकेंगे.
पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव, स्थानीय लोगों को रोजगार
नैनीताल में पर्यटन का दायरा बढ़ाने के लिए बर्ड वाचिंग एक बेहतर विकल्प बन सकता है. खासकर पंगोट, किलबरी और आसपास के वन क्षेत्रों में पक्षियों को देखने के लिए पर्यटकों की अच्छी संभावनाएं हैं. प्रशिक्षित स्थानीय गाइड पर्यटकों को न केवल पक्षियों की पहचान करा सकेंगे, बल्कि उनके रहन-सहन, प्राकृतिक आवास और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी दे पाएंगे. इससे नैनीताल आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा. साथ ही स्थानीय युवाओं और टूरिस्ट गाइडों के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते खुलेंगे. बर्ड वाचिंग के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होमस्टे, होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सकता है.
जल्द जारी होगी प्रशिक्षण की सूचना
जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि इस योजना को जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी है. पर्यटन विभाग समाचार पत्रों और आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी जारी करेगा. इसके बाद इच्छुक और पात्र स्थानीय गाइड विभाग से संपर्क कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने भी इस संबंध में पर्यटन विभाग को निर्देशित किया है. जिलाधिकारी का मानना है कि जिले में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की जरूरत है. इसी दिशा में बर्ड वाचिंग प्रशिक्षण जैसी पहल स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने में मददगार साबित हो सकती है.