सरसों की बुवाई से पहले चुनें ये 3 वैरायटी, ज्यादा पैदावार के साथ मिलेगा अधिक तेल

सरसों की बुवाई से पहले चुनें ये 3 वैरायटी, ज्यादा पैदावार के साथ मिलेगा अधिक तेल


Last Updated:

Agriculture News : मऊ में रवि की फसल की बुवाई प्रारंभ हो गई है और देखा जाता है अक्सर लोग सरसों की बुवाई गेहूं की बुवाई के साथ करते हैं. लेकिन सही समय गेहूं की बुवाई से पहले सरसों की बुवाई की होती है तो यदि सरसों की खेती करना चाहते हैं और अधिक तेल निकालना चाहते हैं तो इस विधि को अपना लें. जिससे आपके सरसों में अधिक तेल निकलेगा आइए जानते हैं किस वैरायटी की सरसों की बुवाई करें.

मऊ: रवि की फसल की बुवाई प्रारंभ हो गई है और देखा जाता है अक्सर लोग सरसों की बुवाई गेहूं की बुवाई के साथ करते हैं. लेकिन सही समय गेहूं की बुवाई से पहले सरसों की बुवाई की होती है तो यदि सरसों की खेती करना चाहते हैं और अधिक तेल निकालना चाहते हैं तो इस विधि को अपना लें. जिससे आपके सरसों में अधिक तेल निकलेगा आइए जानते हैं किस वैरायटी की सरसों की बुवाई करें और बोते समय किन बातों का ध्यान दें.

लोकल 18 से बात करते हुए बीज एक्सपर्ट आलोक कुमार मौर्य बताते हैं कि यदि चाहते हैं सरसों की बुवाई करें और उसे सरसों से अधिक तेल की मात्र प्राप्त हो तो सबसे बेहतर 1666, 4546 तथा 1015 वैरायटी का सरसों की बुवाई करें यह तीन सरसों की ऐसी वैरायटी हैं जिसमें सबसे अधिक पैदावार और अधिक तेल की मात्रा इन सरसों से निकलता है. हालांकि यह तीन वैरायटी 1200 रुपए किलो के हिसाब से मार्केट में मिलता है.

इन वैरायटी से होगी अधि‍क पैदावाार

इस वैरायटी की बीच की बुवाई करके आप बेहतर पैदावार कर सकते हैं और अधिक तेल की मात्रा निकल सकते है. हालांकि इसके अलावा और भी कुछ ऐसे बी हैं जिनकी पैदावार अधिक होती है लेकिन यह तीन ऐसी वैरायटी हैं. जिसकी बुवाई करने से सरसों के बीच में अधिक तेल की मात्रा होती है यदि सरसों की खेती करनी है और अधिक पैदावार लेनी हो तो यह तीन वैरायटी की बुवाई करके आप अधिक पैदावार ले सकते हैं.

इस विधि से करें सरसों की खेती 

मौर्य बताते हैं कि 600 रुपए से 1100 रुपए किलो की कुछ वैरायटी आती है जिसमें विजुगुड़ी की कंपनी जोरदार, धाकड़ व क्रिस्टल कंपनी का 5222 वैरायटी की सरसों अधिक पैदावार वाली वैरायटी है. इन वैरायटी की सरसों की खेती करके आप अपने पैदावार को बढ़ा सकते हैं और पेराई के समय निकाल सकते हैं. लेकिन खेत में बुवाई करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यानें की आवश्यकता है अक्सर देखा जाता है किस सिर्फ खेतों में सरसों का बीज ही छिट कर जुताई कर देते हैं जिससे अधिक पैदावार नहीं होती. और पिराई के समय अधिक तेल की मात्रा नहीं निकलती है.

20 दिनों बाद सरसों की खेत में करे सिंचाई

पेराई के समय तेल की मात्रा अधिक निकले तो बुवाई करते समय सल्फर और डाई का प्रयोग करके सरसों की बुवाई करें तथा बुवाई के 20 दिनों बाद ही सरसों की खेत में सिंचाई कर दे. तथा सिंचाई के बाद प्रति किलो के हिसाब से विश्वा और सल्फर 2 किलो बीघा के हिसाब से डाल दें. जिससे सरसों में पैदावार अधिक होगी और पेराई के समय तेल की मात्रा अधिक निकलेगी. इस विधि को अपना कर सरसों की बेहतर खेती कर सकते हैं और बेहतर पैदावार के साथ अधिक तेल की मात्रा ले सकते हैं.



Source link