तेलंगाना के खम्मम जिले में बचाने आए जवानों के साथ ही हादसा हो गया. राज्य आपदा मोचन बल और फायर विभाग के करी 11 कर्मी बुधवार शाम एक उफनती झील में फंसे मछुआरों को बचाने के लिए आए थे. अपनी नावों पर सवार होकर जैसे ही वे झील में आगे बढ़े, उनकी नावें पलट गईं और वे लापता हो गए. हालांकि तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बचाव दलों ने लापता एसडीआरएफ कर्मियों के संभावित स्थान की पहचान कर ली है और जल्द ही उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक साथुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील में फंसे मछुआरों को निकालने के लिए यह अभियान चलाया गया था. जिसमें नौकाओं पर सवार होकर बचावकर्मी झील में उतरे थे. हालांकि बीच में ही दो नौकाएं पलट गईं, जिन पर करीब 11 बचावकर्मी सवार थे.
आंध्र प्रदेश की सीमा से लगा खम्मम जिला चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव के कारण हो रही भारी बारिश से प्रभावित है. ऐसे में वहां झील में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए और कुछ मछुआरे वहां फंस गए. इन्हें बचाने के लिए एसडीआरएफ और फायर विभाग ने मिलकर बचाव अभियान चलाया. हालांकि बचाने आए कर्मी भी खुद इस हादसे का शिकार हो गए.
फिलहाल खम्मम के जिलाधिकारी दिवाकर टी एस और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जवानों को बचाने के लिए टीमों को तैनात किया है.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने घटना के बारे में जानकारी ली है और जिलाधिकारी को एसडीआरएफ कर्मियों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मुख्य सचिव संजय जाजू को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश भी दिया.
कैसे हुई थी दुर्घटना?
हिंंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार तेलंगाना के खम्मम जिले में बुधवार को बाढ़ का पानी काफी बढ़ गया था. जिसमें कुछ मछुआरे फंस गए थे. इन्हें बचाने के लिए जब बचाव दल के लोग आए और नावों में सवार होकर पानी में उतरे तो दो नावें पलट गईं, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और फायर सर्विसेज के 11 कर्मी मौजूद थे जो पानी में लापता हो गए. यह घटना बेथुपल्ली टैंक में हुई, जो उफान पर था.
राज्य राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि कोठागुडेम से छह एसडीआरएफ कर्मी, फायर सर्विस के चार और कर्मी व दो स्थानीय गाइड दो नावों में रवाना हुए. टीम ने पहले फंसे तीन फायरकर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया लेकिन मछुआरों की ओर बढ़ते समय तेज पानी की लहरों में दोनों नावें पलट गईं.’
सर्च ऑपरेशन तेजखम्मम जिला कलेक्टर दिवाकर टीएस और सत्तुपल्ली विधायक मत्ता रागमयी मौके पर पहुंचकर बचावकर्मियों की सलामती और बचाव कार्यों को देख रहे हैं. वहीं भद्राचलम से अतिरिक्त एनडीआरएफ की टीमें बुलाई गई हैं. नावों के साथ टीमें लापता कर्मियों की तलाश में जुट गई हैं.अधिकारियों ने ड्रोन से लाइफ जैकेट छोड़ने की भी व्यवस्था की है.