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Sarangpur News: पानीपुरी बेचने वाले अनिल पुष्पद के 16 वर्षीय बेटे ने आईफोन मांगा. पिता के मना करने पर वह कपड़ों का बैग लेकर भाग गया. पुलिस ने पिता से एक भावुक मैसेज भिजवाया. भावुक होकर किशोर ने अपनी लोकेशन बता दी. जानें पूरा मामला…
पुलिस ने किशोर को राजस्थान के कोटा से रेस्क्यू किया.
Rajgarh News: सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का जुनून युवाओं पर इस कदर हावी हो रहा है कि वे खतरनाक कदम उठाने से भी नहीं हिचक रहे हैं. मध्य प्रदेश के सारंगपुर में 16 साल का एक किशोर रील्स बनाने के जुनून में घर छोड़कर दूसरे राज्य राजस्थान पहुंच गया. यह पूरा मामला सारंगपुर शहर के वार्ड नंबर 15 का है.
अनिल पुष्पद पानीपुरी बेचकर अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं. उनका 16 वर्षीय बेटा सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर बनना चाहता था. उसे किसी ने बताया था कि आईफोन से रील्स बनाने पर ज्यादा व्यूज और लाइक्स मिलते हैं. इसी बात को लेकर उसने अपने पिता से आईफोन दिलाने की जिद की.
जिद पूरी न होने पर छोड़ा घर
पिता ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति और बेटे की कम उम्र को देखते हुए आईफोन दिलाने से साफ इंकार कर दिया. मांग पूरी न होने से नाराज होकर बेटा कपड़ों से भरा बैग लेकर शाम करीब 6 बजे बिना बताए घर से निकल गया. इसके बाद वह राजस्थान जाने वाली ट्रेन में बैठकर कोटा पहुंच गया.
रात 11 बजे थाने पहुंचे परेशान परिजन
बेटे के अचानक गायब होने से परेशान परिजन रात करीब 11 बजे सारंगपुर थाने पहुंचे. थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया और किशोर की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कराई. लोकेशन राजस्थान के कोटा में मिली. हालांकि, किशोर बार-बार अपना मोबाइल बंद कर रहा था, जिससे उसे तलाशना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया.
पिता के मैसेज से पिघला बेटा
काफी मशक्कत के बाद थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने एक अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने पिता अनिल पुष्पद से बेटे के मोबाइल पर एक भावनात्मक मैसेज भिजवाया. मैसेज में लिखा था, ‘बेटा वापस आ जा, हम बहुत परेशान हैं… तुझे आईफोन दिला देंगे’. पिता का यह भावुक मैसेज पढ़ते ही किशोर का मन पिघल गया और वह भावुक हो गया. उसने तत्काल फोन कर अपनी लोकेशन बताई. उसने जानकारी दी कि वह कोटा के राघव होटल में रुका है.
पुलिस टीम ने सकुशल कराया रेस्क्यू
लोकेशन मिलते ही सारंगपुर पुलिस की टीम तुरंत कोटा पहुंची और किशोर को सकुशल अपने साथ ले आई. पुलिस टीम सुबह करीब 6 बजे उसे वापस सारंगपुर ले आई. एक पिता की चिंता और पुलिस की सूझबूझ से परिवार को बड़ी राहत मिली.