Tips: धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यम का दीपक? जानिए दक्षिण दिशा में दीप जलाने की खास मान्यता

Tips: धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यम का दीपक? जानिए दक्षिण दिशा में दीप जलाने की खास मान्यता


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Dhanteras Yam Deepak Direction: धनतेरस की शाम क्यों जलाया जाता है यम का दीपक? मान्यता है कि धनतेरस पर घर के बाहर दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. जानिए दीपक जलाने की विधि, तेल और इससे जुड़ी खास धार्मिक परंपरा.

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Dhanteras Yam Deepak Direction: दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई से लेकर पूजा-पाठ और खरीदारी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. छह दिनों तक चलने वाले दीपावली के इस पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है. धनतेरस का दिन खरीदारी के साथ-साथ धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास माना जाता है. इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और अन्य चीजें खरीदने की परंपरा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस की शाम एक विशेष दीपक जलाने की भी परंपरा है, जिसे यम का दीपक कहा जाता है. मान्यता है कि इस दीपक को विधि-विधान से जलाने से परिवार पर अकाल मृत्यु का भय टलता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. हालांकि, यम का दीपक जलाने के कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
दरअसल, धनतेरस के दिन यमराज के नाम से दीपक जलाया जाता है. देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि धनतेरस का दिन भगवान धन्वंतरि और यमराज की पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है. इस दिन लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है. वहीं, शाम के समय यम का दीपक जलाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है.

दिया जलाकर भूलकर भी पीछे मूर कर ना देखे
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, यम का दीपक जलाते समय सबसे पहले तेल का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस दीपक को सरसों के तेल या तिल के तेल से जलाना शुभ माना जाता है. इसे घर के अंदर नहीं, बल्कि घर के बाहर जलाना चाहिए. दीपक को दक्षिण दिशा की ओर रखकर जलाने की परंपरा है. दीपक रखने से पहले उसके नीचे थोड़े से साबुत चावल जरूर रखें.इसके बाद विधि-विधान से यमराज का स्मरण करते हुए दीपक जलाएं. एक खास बात यह भी है कि दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर उसे नहीं देखना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नियमों का पालन करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार की रक्षा करते हैं.

भगवान शिव के भी मंत्रो का करे जाप 
इसके अलावा ज्योतिषाचार्य ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय सताता है या वह अपने परिवार की सुख-शांति और लंबी आयु की कामना करता है तो भगवान शिव की आराधना भी कर सकता है. इसके लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना गया है. धनतेरस के दिन भगवान शिव का स्मरण कर महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करने से भय और नकारात्मकता दूर होने की धार्मिक मान्यता है.इस तरह धनतेरस का दिन सिर्फ खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की खुशहाली और मंगलकामना से भी जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस बार धनतेरस पर खरीदारी के साथ यम का दीपक जलाने की परंपरा निभाएं और पूजा के दौरान बताए गए नियमों का ध्यान रखें.



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