मुश्किलें हजार, इरादा दमदार… रिजवान की तूफानी डबल सेंचुरी से वापसी
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Mohammad Rizwan double century: पीसीबी विवाद, इंग्लैंड दौरे से बाहर होने और एनसीमीए की कानूनी जांच के झटकों के बाद पाकिस्तान के विकेटकीपरमोहम्मद रिजवान ने अपने बल्ले से जोरदार वापसी की है. कायद-ए-आजम ट्रॉफी 2026-27 dगोल्ड सीजन के पहले मैच में पेशावर रीजन ब्लूज की ओर से खेलते हुए रिजवान ने फैसलाबाद के खिलाफ 391 गेंदों में 35 चौकों और एक छक्के की मदद से शानदार दोहरा शतक जड़कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है.
नेशनल टीम से बाहर होने के बाद रिजवान ने जड़ी डबल सेंचुरी.
नई दिल्ली. हर कोई एक शानदार कमबैक की कहानी पसंद करता है, और इस समय पाकिस्तान क्रिकेट में मोहम्मद रिजवान वैसी ही एक बागी और प्रेरणादायक दास्तान लिख रहे हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ हालिया तनाव, टीम से बाहर किए जाने का दर्द और कानूनी पचड़ों में फंसने के बाद इस अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपने बल्ले से आलोचकों को करारा जवाब दिया है. 2026-27 के कायद-ए-आजम ट्रॉफी गोल्ड सीजन के पहले ही मुकाबले में रिजवान ने एक शानदार और कमांडिंग दोहरा शतक जड़कर सनसनी मचा दी है.
यह कहानी सिर्फ एक पारी की नहीं है, बल्कि उस मानसिक संघर्ष की है जिससे मोहम्मद रिजवान (Mohammad Rizwan) पिछले कुछ महीनों से गुजर रहे हैं. कुछ महीने पहले ही मोहम्मद रिजवान इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तानी टीम का हिस्सा बनकर गए थे. हालांकि, लंबे समय से बल्ले से चल रहे उनके खराब फॉर्म के कारण उन्हें सीरीज के बीच से ही पाकिस्तानी स्क्वाड से बाहर कर दिया गया.यह झटका अपने आप में बड़ा था, लेकिन मुसीबतें यहीं खत्म नहीं हुईं. इसके बाद रिजवान पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) की जांच के घेरे में आ गए. ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों के चलते उनका फोन तक जब्त कर लिया गया. उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाए गए और एक सीनियर खिलाड़ी होने के बावजूद उन्हें तीखे सवालों का सामना करना पड़ा. एक खिलाड़ी के लिए मैदान के बाहर इस तरह की छवि खराब होना और कानूनी पचड़ों में फंसना मानसिक रूप से बहुत भारी होता है.
एबटाबाद में रिजवान का शाही अंदाज और ऐतिहासिक पारी
इन तमाम ऑफ-फील्ड विवादों और मानसिक दबाव को दरकिनार करते हुए 34 वर्षीय मोहम्मद रिजवान ने मैदान पर उतरकर अपने बल्ले को ही अपनी जुबां बना लिया. 3 नवंबर को 2026-27 कायद-ए-आजम ट्रॉफी गोल्ड सीजन के पहले दिन एबटाबाद में पेशावर रीजन ब्लूज की तरफ से खेलते हुए रिजवान ने पांचवें नंबर पर उतरकर कमाल कर दिया. पहले दिन का खेल खत्म होने तक इस दिग्गज बल्लेबाज ने 142 गेंदों का सामना करते हुए शानदार अंदाज में नाबाद 111 रन बना लिए थे, जिसमें 21 खूबसूरत चौके शामिल थे. पहले ही दिन शतक जड़कर उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए थे कि वह हार मानने वालों में से नहीं हैं.
कहानी यहीं नहीं रुकी. अगले दिन रिजवान ने अपने इस शानदार शतक को एक यादगार दोहरे शतक में बदल दिया. विपक्षी टीम के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए रिजवान ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेले. पारी के बीच में उन्होंने 391 गेंदों का सामना करते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया. इस मैराथन और दिलकश पारी के दौरान उनके बल्ले से कुल 35 शानदार चौके और एक गगनचुंबी छक्का निकला.
पेशावर रीजन ब्लूज का मजबूत स्कोर
एबटाबाद के मैदान पर रिजवान अकेले नहीं चमके. नंबर चार पर उतरे नजाब खान ने भी उनका बखूबी साथ निभाया और एक बेहतरीन शतक जड़ा. इन दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक और जिम्मेदार पारियों की बदौलत पेशावर रीजन ब्लूज की टीम ने दूसरे दिन के एक खास पड़ाव तक 115 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 503 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. टीम का यह स्कोर इस बात की गवाही दे रहा था कि पिच पर रिजवान का बल्ला किस कदर कहर बरपा रहा था.
विवादों के बीच बल्ले की गूंज
हाल के महीनों में रिजवान के साथ जो कुछ भी हुआ चाहे वह इंग्लैंड दौरे से बीच में वापसी हो या एनसीमीए (NCCIA) की पूछताछ,वह किसी भी खिलाड़ी का मनोबल तोड़ने के लिए काफी था. लेकिन एक चैंपियन खिलाड़ी वही होता है जो मुश्किल समय में झुकता नहीं, बल्कि और मजबूत होकर उभरता है. कायद-ए-आजम ट्रॉफी में लगाया गया यह दोहरा शतक इस बात का पक्का सबूत है कि रिजवान अभी खेल से दूर होने वाले नहीं हैं.
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रिजवान की यह धमाकेदार पारी सिर्फ एक शुरुआत भर है? क्या वह आने वाले मैचों में भी इसी तरह का दबदबा बनाए रखेंगे? क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह अनुभवी खिलाड़ी अपनी इस फॉर्म के दम पर पाकिस्तान की नेशनल टीम में एक बार फिर से जोरदार वापसी कर पाएगा या नहीं. फिलहाल तो रिजवान ने अपने आलोचकों और बोर्ड को बता दिया है कि उनका बल्ला अभी शांत नहीं हुआ है.