अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ी बिहार के मंजूषा सूप की डिमांड, 12 नवंबर को भागलपुर में यहां लगेगा हाट

अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ी बिहार के मंजूषा सूप की डिमांड, 12 नवंबर को भागलपुर में यहां लगेगा हाट


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सभी राज्यों और इलाकों की अपनी परंपराएं और मान्यताएं होती हैं. इसी तरह बिहार में लोक कला वाले मंजूषा सूप की किसी समय एक पहचान थी. समय के साथ धीरे-धीरे ये कलाएं विलुप्त होती जा रही हैं. अब इन्हें एक बार फिर बड़े पैमाने पर सभी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए बिहार के भागलपुर में 12 नवंबर को हाट लगेगा.

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भागलपुर: बिहार में छठ का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इसका महत्व इस बात से समझ सकते हैं कि लोग छठ को सिर्फ पर्व ही नहीं बल्कि महापर्व मानते हैं. छठ त्योहार का रंग गहराता जा रहा है. तैयारियां दिन प्रति दिन तेज होती जा रही हैं. बाजार पूरी तरह से लगभग सजकर तैयार हैं और लोग अपने समय और सुविधानुसार अपने जरूरत के सामान खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं. इस दौरान कई उन पारंपरिक चीजों की भी बिक्री हो रही है जिनकी डिमांड खासतौर से ऐसे पर्व और खास त्योहारों के समय ही होती है. यहां लोग लोक कला की सूप बड़े पैमाने पर खरीदते हैं. इसमें मंजूषा सूप की डिमांड काफी ज्यादा हो रही है. देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ अब विदेशों में भी इसकी डिमांड काफी बढ़ी है. ऐसे में बिहार के भागलपुर में बड़े पैमाने पर मंजूषा सूप तैयार भी की जा रही है. लोग आसानी से मंजूषा सूप खरीद सकें इसके लिए मेला भी लगने जा रहा है.

यहां लगने जा रहा है मंजूषा सूप हटिया
आपको बता दें कि भागलपुर में बड़े पैमाने पर मंजूषा हटिया लगने जा रहा है. जिसमें आप मंजूषा वाली सूप खीरद पाएंगे. इसको लेकर मंजूषा गुरु मनोज पंडित बताते हैं कि भागलपुर का लोककला मंजूषा घर घर कैसे पहुंचे इसको लेकर हम लोग हर हमेशा प्रयत्न करते है. ऐसे में पहले दीप घर घर पहुंचता था लेकिन बिहार का सबसे बड़ा पर्व छठ जो लगभग घरो में होता है उसमें हमलोगों ने प्रयास किया है कि मंजूषा सूप पहुंचे.

इसे लेकर 12 नवंबर को बरारी स्थित रेलवे कॉलिनी में मंजूषा सूप हटिया लगाने जा रहे हैं. इसमें जिले के कलाकार मौजूद होंगे और वो सूप पर मंजूषा उकरेंगे और आप वो सूप खरीद पाएंगे. इसके साथ साथ वर्कशॉप भी किया जाएगा. इससे मंजूषा को बढ़ावा मिलेगा. इस बार मंजूषा सूप अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी भेजा गया है. इसकी डिमांड विदेशों में भी धीरे-धीरे हो रही है.

तीन रंगों से तैयार होते हैं मंजूषा
आपको बता दें कि मंजूषा तीन रंगों से तैयार होता है. जिसमें पीला, गुलाबी और हरा रंग से तैयार किया जाता है. जो विकास, शांति और समृद्धि का संदेश देता है.



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