उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 4 की अनुमति वाली ट्रेन में मिले 18 वेंडर, 50 संदिग्ध पकड़े गए

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ा फर्जीवाड़ा, 4 की अनुमति वाली ट्रेन में मिले 18 वेंडर, 50 संदिग्ध पकड़े गए


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Ujjain Railway Station News: उज्जैन रेलवे स्टेशन पर टीएसवी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. एक ट्रेन में 4 की अनुमति की जगह 18 वेंडर सामान बेचते मिले. आरपीएफ ने करीब 50 संदिग्ध वेंडरों को पकड़कर उनके आईकार्ड जब्त किए हैं. रतलाम मंडल के तहत कौशल इंटरप्राइजेज के ठेके और फर्जी आईकार्ड की जांच जारी है.

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उज्जैन रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया वेडरों का फर्जीवाड़ा.

Ujjain News: उज्जैन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में खानपान का सामान बेचने वाले वेंडरों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. रेलवे की ट्रेन साइड वेंडिंग (टीएसवी) योजना के नियमों को ताक पर रखकर ट्रेनों में वेंडर तैनात किए जा रहे थे. नियम के अनुसार एक ट्रेन में केवल चार वेंडर ही काम कर सकते हैं. लेकिन, जांच में कुछ ट्रेनों में 16 से 18 तक वेंडर सामान बेचते पाए गए. आरपीएफ और रेलवे प्रशासन ने उज्जैन स्टेशन पर करीब 50 संदिग्ध वेंडरों को पकड़ा है. इनके आईकार्ड भी जब्त किए गए हैं. अब रेलवे इन कार्डों की सच्चाई और ठेकेदार की भूमिका की जांच कर रहा है.

यह पूरी गड़बड़ी उज्जैन स्टेशन पर मूंगफली, भेल, चना और पॉपकॉर्न बेचने वाले वेंडरों की चेकिंग में सामने आई. टीएसवी योजना के तहत सीमित वेंडरों को ही अनुमति मिलती है. इसके बावजूद कई ट्रेनों में तय संख्या से चार गुना अधिक वेंडर सक्रिय पाए गए. पकड़े गए 50 संदिग्धों के आईकार्ड जब्त कर लिए गए हैं. अब रेलवे अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि ये आईकार्ड असली हैं या फर्जी. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि अधिकृत सूची में नाम न होने के बावजूद ये लोग ट्रेनों में कारोबार कैसे कर रहे थे.

रेलवे रिकॉर्ड के अनुसार, रतलाम मंडल में टीएसवी योजना का ठेका कौशल इंटरप्राइजेज को दिया गया है. यह ठेका तीन साल के लिए करीब 90 लाख रुपए में मिला है. यह अनुबंध 29 दिसंबर 2025 से 28 दिसंबर 2028 तक प्रभावी है. ठेके की शर्तों के अनुसार हर वेंडर के पास रेलवे का अधिकृत आईकार्ड, तय यूनिफॉर्म और मेडिकल दस्तावेज होना अनिवार्य है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में अनधिकृत वेंडरों का मिलना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.

कमर्शियल विभाग करेगा जांच
आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अमित प्रकाश मिश्र ने बताया कि गड़बड़ी की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है. उन्होंने पुष्टि की कि कुछ ट्रेनों में 16, 17 और 18 तक वेंडर मिले हैं, जबकि नियम सिर्फ चार की अनुमति देता है. कमर्शियल विभाग अधिकृत वेंडरों की सूची जारी करता है. जिनका नाम सूची में नहीं होगा, उन्हें अनधिकृत माना जाएगा. जब्त आईकार्ड की जांच भी कमर्शियल विभाग करेगा.

सिर्फ आईकार्ड होना अनुमति नहीं
वहीं सहायक सुरक्षा आयुक्त राजीव उपाध्याय ने बताया कि वेंडरों की नई सूची से जांच की जा रही है. आईकार्ड के क्यूआर कोड को स्कैन कर नाम, पिता का नाम और कार्ड नंबर का मिलान किया जा रहा है. अधिकारियों ने साफ किया कि सिर्फ आईकार्ड होना अनुमति का प्रमाण नहीं है. नाम अधिकृत सूची में होना जरूरी है. जांच में फर्जीवाड़े या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ठेका कंपनी कौशल इंटरप्राइजेज पर पेनल्टी और अन्य सख्त कार्रवाई होगी. फिलहाल जांच जारी है.



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