दिवाली के अगले दिन आसमान में फंसेगा धुआं, दिल्ली में AQI के खतरनाक होने की चेतावनी

दिवाली के अगले दिन आसमान में फंसेगा धुआं, दिल्ली में AQI के खतरनाक होने की चेतावनी


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दिवाली के अगले दिन आसमान में फंसेगा धुआं, दिल्ली का AQI खतरनाक होने की चेतावनी

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Delhi Diwali Pollution: दिवाली की खुशियों और रोशनी के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर दमघोंटू प्रदूषण के जाल में उलझने की कगार पर है. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक छह और सात नवंबर को उत्तर-पश्चिमी हवाओं की रफ्तार बढ़ने से स्मॉग की चादर थोड़ी पतली होगी और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सांस लेने में फौरी राहत मिलेगी, लेकिन यह सुकून ज्यादा लंबा नहीं टिकने वाला.

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दिल्ली में दिवाली के अगले दिन वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है. (फाइल फोटो)

Delhi AQI Dangerous Level: दीपावली के अगले दिन दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ सकता है. हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर ही फंस सकते हैं, जबकि त्योहार के दिन हवा के रुख में बदलाव से कुछ हद तक ‘धूम कोहरा’ छंटने में मदद मिल सकती है. स्काईमेट के महेश पलावत ने बताया कि सात नवंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में उत्तर-पश्चिमी राजस्थान की ओर से मध्यम गति की उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है. उन्होंने कहा कि इसके बाद, आठ नवंबर की रात से हल्की पूर्वी हवाएं शुरू हो सकती हैं, जिससे दीपावली के समय प्रदूषक तत्व कुछ हद तक छंट सकते हैं.

पलावत ने कहा कि नौ नवंबर को स्थिति और खराब हो सकती है, क्योंकि पूर्वी हवाओं के और कमजोर पड़ने की संभावना है, जिससे प्रदूषक तत्व जमा हो सकते हैं तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में उछाल आ सकता है. मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि छह और सात नवंबर को हवा की गति बढ़कर लगभग 10-20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो अभी पांच किलोमीटर प्रति घंटे से कम है.

दहिया ने कहा कि हवा की गति बढ़ने से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में धूम कोहरा छंटने में मदद मिल सकती है, और इससे एक्यूआई के स्तर में सुधार हो सकता है. उन्होंने कहा कि दोपहर और शाम के समय इसमें 20-30 प्रतिशत तक, और रात के समय 10-20 प्रतिशत तक सुधार होने की संभावना है. हालांकि, दहिया ने चेतावनी दी कि एक पश्चिमी विक्षोभ के आने के कारण आठ से 13 नवंबर के बीच हवा की गति फिर से धीमी हो सकती है; और इस दौरान वायु प्रदूषण मौसम के चरम स्तर तक पहुंच सकता है.



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