US मिडटर्म में चमके भारतीय मूल के नेता, आखिरी वाले की किस्मत क्यों खराब निकली?
Last Updated:
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के नतीजे सिर्फ अमेरिकी राजनीति के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए भी बेहद दिलचस्प रहे हैं. इस बार चुनावी मैदान में कई भारतीय चेहरे उतरे, जिनमें से कुछ ने शानदार जीत दर्ज करके इतिहास रच दिया, तो कुछ को हार का सामना भी करना पड़ा.
पिया डंडिया : फ्लॉरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में पिया डंडिया ने शानदार जीत हासिल करके सबको चौंका दिया है. उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे और पिया खुद एक पूर्व स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं. उन्होंने कड़े मुकाबले में रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को लगभग 52% वोट पाकर हरा दिया. इस जीत के साथ ही अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में एक और भारतीय-अमेरिकी महिला की एंट्री हो गई है.
सुहास सुब्रमण्यम: वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को चुनाव हरा दिया. जीत के बाद उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन असली काम अब शुरू हुआ है और वे वॉशिंगटन में जनता के लिए बदलाव लाने के वास्ते पूरी तरह तैयार हैं.
प्रमिला जयपाल : अमेरिकी संसद में भारतीय मूल की सबसे जानी-पहचानी आवाजों में से एक, प्रमिला जयपाल ने एक बार फिर अपना जलवा दिखाया है. पश्चिम तट पर वॉशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेट प्रमिला ने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव सेठ को करारी शिकस्त दी है. उनकी ये जीत अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं के मजबूत होते कद को साफ दिखाती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
रो खन्ना: कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने एक बार फिर शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने अपने रिपब्लिकन विरोधी रितेश टंडन को चुनावी मैदान में धूल चटा दी. रो खन्ना की ये लगातार जीत इस बात का सबूत है कि सिलिकॉन वैली और कैलिफोर्निया के मतदाताओं का उन पर पूरा भरोसा बना हुआ है.
अरुणा मिलर: मेरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की अरुणा मिलर ने एक बार फिर इतिहास दोहराया है. डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर की जीत के साथ ही अरुणा मिलर ने भी उप-राज्यपाल के रूप में अपने अगले चार साल का कार्यकाल पक्का कर लिया है. उनकी ये सफलता स्थानीय प्रशासन में भारतीय-अमरीकियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है.
डॉ अमीश शाह : एरिजोना के पहले कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में भारतीय मूल के डॉक्टर और पूर्व स्टेट लॉमेकर अमीश शाह बढ़त बनाए हुए हैं. उन्होंने रिपब्लिकन जय फिली के खिलाफ मजबूत बढ़त हासिल की है. इसके अलावा, न्यूयॉर्क में सरिता कोमाटिरेड्डी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि पेन्सिलवेनिया में अरविंद वेनकट और इलिनोइस में राम विल्लीवलम जैसे कई स्थानीय नेताओं ने शानदार जीत दर्ज कर समुदाय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
विवेक रामास्वामी : जहां एक तरफ कई डेमोक्रेट भारतीय-अमेरिकी जीते, वहीं रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उतरे चर्चित चेहरे विवेक रामास्वामी को निराशा हाथ लगी. क्योंकि पूरे देश में रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ लहर चल रही है. ओहियो के गवर्नर पद के चुनाव में उन्हें डेमोक्रेट एमी एक्टन के हाथों हार का सामना करना पड़ा. ट्रंप के समर्थन से मैदान में उतरे विवेक को लगभग 46% वोट मिले, लेकिन वे डेमोक्रेटिक लहर के आगे अपनी सीट नहीं बचा पाए.