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यूपी में वोटिंग बूथों का नए सिरे से निर्धारण हुआ है. कुल 3,786 मतदेय स्थल घटाए गए हैं.यूपी के 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के नए सम्भाजन को भारत निर्वाचन आयोग की मंजूरी मिल गई है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 नवंबर को आयोग ने प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.
यूपी में घटाए गए मतदान केंद्र. (File Photo)
लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 75 जनपदों के 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 1,200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के आधार पर तैयार किए गए मतदेय स्थलों के सम्भाजन प्रस्ताव को 04 नवम्बर, 2026 को अनुमोदन प्रदान कर दिया है. प्रदेश में मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया 16 अक्टूबर, 2026 से प्रारम्भ की गई थी. सभी जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के लिए भेजा गया था.
यूपी में 1 लाख 73 हजार 730 बूथ
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सम्भाजन से पूर्व प्रदेश में मतदेय स्थलों की कुल संख्या 1,77,516 थी, जो अब घटकर 1,73,730 रह गई है. इस प्रकार सम्भाजन के बाद प्रदेश में कुल 3,786 मतदेय स्थल कम हुए हैं. अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर संचालित विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन अब आयोग द्वारा अनुमोदित 1,73,730 मतदेय स्थलों पर किया जाएगा.
जिन मतदाताओं के बदले बूथ, उन्हें जानकारी देंगे बीएलओ
उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सम्भाजन के फलस्वरूप आयोग द्वारा अनुमोदित मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की तैनाती सुनिश्चित की जाए. जिन मतदाताओं के मतदेय स्थल परिवर्तित हुए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित रूप में इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए. इस कार्य की बीएलओ सुपरवाइजर द्वारा नियमित निगरानी की जाए तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) स्वयं इसकी जांच करें.
बीएलओ को खास निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि बीएलओ यह सुनिश्चित करें कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों. आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद यदि किसी मतदाता का नाम उसके परिवार के अन्य सदस्यों से अलग किसी अन्य मतदेय स्थल पर दर्ज पाया जाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराया जाए.
मतदाताओं को नए मतदान केंद्र की जानकारी के लिए प्रचार-प्रसार
उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सम्भाजन के फलस्वरूप आयोग द्वारा अनुमोदित सभी मतदेय स्थलों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि प्रत्येक मतदाता को अपने नए अथवा परिवर्तित मतदेय स्थल की जानकारी समय से मिल सके और मतदान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो.