patna kyp operators hunger strike continues three fall ill


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Bihar KYP Strike: पटना के गर्दनीबाग में KYP केंद्र संचालकों का आंदोलन जारी है. बिहार में KYP के 1731 सेंटर 8 महीने से बंद होने का संचालकों ने आरोप लगाया है. पटना में 13 दिन से भूख हड़ताल जारी है. 3 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर PMCH भेजा गया. मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी गई है.

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पटना में KYP संचालकों प्रदर्शन के 13वें दिन 3 की हालत बिगड़ी; दी चेतावनीZoom

पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 26 दिनों से प्रदर्शन कर रहे संचालकों की भूख हड़ताल का बुधवार को 13वां दिन है.

पटना: बिहार में कौशल युवा कार्यक्रम (KYP) के केंद्रों को लेकर संचालकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 26 दिनों से प्रदर्शन कर रहे संचालकों की भूख हड़ताल का बुधवार को 13वां दिन है. पांच संचालक लगातार अनशन पर बैठे हैं. जबकि इनमें से तीन की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) भेजा गया है. इसके बावजूद संचालकों ने भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. जरूरत पड़ने पर जल्द ही आमरण अनशन शुरू किया जाएगा.

8 महीने से बंद हैं 1731 KYP सेंटर
कौशल युवा कार्यक्रम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक रहा है. वर्ष 2016 में बिहार के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को स्किल्ड बनाने और रोजगार के योग्य तैयार करने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी. इस योजना के तहत राज्य में 1731 KYP सेंटर खोले गए थे. संचालकों का आरोप है कि सरकार और विभाग की उदासीनता के कारण पिछले 8 महीने से सभी केंद्र बंद पड़े हैं. अब इन केंद्रों के बंद होने से संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.

ढाई लाख छात्रों का भविष्य अंधकारमय होने का आरोप
KYP संचालकों का कहना है कि केंद्रों के बंद होने से संचालकों के बीच भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ढाई लाख से अधिक छात्रों का भविष्य भी अंधकारमय हो गया है. संचालकों ने विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद पर भी उदासीनता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सरकार बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. इतने बड़े स्तर पर केंद्र बंद होने के बावजूद सरकार और विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.

तबीयत बिगड़ने के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं करेंगे
भूख हड़ताल कर रहे संचालकों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है. तीन संचालकों की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें PMCH में इलाज के लिए भेजा गया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी हालत बिगड़ने के बावजूद सरकार या विभाग की ओर से कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है. संचालकों ने साफ कहा है कि चाहे उनकी तबीयत कितनी भी बिगड़ जाए. वे भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे. मांगें पूरी नहीं होने पर जल्द ही आमरण अनशन शुरू करने की भी चेतावनी दी है.



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