‘पैसा लो और खुशी-खुशी कंपनी छोड़ दो’, Google ने 5 देशों में कर्मचार‍ियों को दिया एग्जिट ऑफर, क्या भारत भी है शामिल?

‘पैसा लो और खुशी-खुशी कंपनी छोड़ दो’, Google ने 5 देशों में कर्मचार‍ियों को दिया एग्जिट ऑफर, क्या भारत भी है शामिल?


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में टेक कंपनियां पानी की तरह पैसा बहा रही हैं. इस भारी-भरकम खर्च को बैलेंस करने के लिए कॉस्ट-कटिंग का सहारा ले रही हैं. कर्मचार‍ियों की छंटनी कर रही हैं. दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने भी अपने कर्मचारियों के लिए अजीब तरह का एग्‍ज‍िट ऑफर द‍िया है. कंपनी कह रही क‍ि ‘पैसे लो और खुशी-खुशी कंपनी से निकल लो.’

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) ने कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में काम कर रहे अपने कर्मचारियों को वॉलंटरी बायआउट ऑफर द‍िया है. इसमें उनसे कहा जा रहा क‍ि आप पैसा लीजिए और रास्‍ता नाप‍िये.

गूगल ने क्या कहा?

गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, साल 2025 में हमारी कुछ टीमों ने मुआवजे के साथ वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम शुरू किया था. भविष्य के हमारे महत्वपूर्ण कामों को सपोर्ट करने के लिए, इस गर्मियों हमने इस प्रोग्राम को दुनिया के कुछ और देशों में बढ़ा दिया है.

AI का दबाव और वॉल स्ट्रीट की नाराजगी

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब गूगल भारी मात्रा में AI तकनीक पर पैसा खर्च कर रहा है. टेक कंपनियों के इस अंधाधुंध खर्च से शेयर बाजार घबराया हुआ है और इसका सीधा असर अल्फाबेट के शेयरों पर भी देखने को मिला है. गूगल ही नहीं, पिछले हफ्ते ही एक और दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने भी अपनी लागत कम करने के लिए 60,000 कर्मचारियों को ऐसा ही बायआउट ऑफर दिया था. अब सुंदर पिचाई के नेतृत्व वाली कंपनी गूगल भी अपने संसाधनों को वहां लगाना चाहती है, जो भविष्य के लिए ज्यादा जरूरी हैं.

एक तरफ छंटनी, दूसरी तरफ बंपर भर्तियां
गूगल का यह कदम इसलिए भी हैरान करता है क्योंकि हाल के दिनों में कंपनी में जमकर नई भर्तियां हुई थीं. सितंबर 2026 के अंत तक गूगल का वर्कफोर्स बढ़कर 2,04,757 तक पहुंच गया था. यानी सिर्फ 6 महीने के भीतर कंपनी ने 10,000 नए कर्मचारी जोड़े थे. इसमें साइबर सिक्योरिटी फर्म ‘विज’ (Wiz) के अधिग्रहण का भी बड़ा हाथ था, जिसे खरीदने के बाद मार्च में विज के 2,000 कर्मचारी सीधे गूगल का हिस्सा बन गए थे.

इन कर्मचारियों पर नहीं है कोई खतरा
कंपनी का नया फोकस पूरी तरह से AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर है. यही वजह है कि गूगल क्लाउड और AI यूनिट ‘डीपमाइंड’ (DeepMind) में काम करने वाले कर्मचारियों को इस एग्जिट ऑफर से दूर रखा गया है. यानी इनकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित है. यह ऑफर मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो खुद महसूस करते हैं कि वे कंपनी के नए रास्ते के साथ अब तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं.

स्विट्जरलैंड में मिला यह शानदार ऑफर
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में गूगल का एक बहुत बड़ा इंजीनियरिंग हब है, जहां करीब 5,000 कर्मचारी काम करते हैं. वहां के कर्मचारियों को जून के मध्य में यह एग्जिट पैकेज ऑफर किया गया था, जिसके लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख जुलाई के मध्य तक थी. जो कर्मचारी इसके लिए तैयार हुए, उन्हें कंपनी में काम किए गए हर एक साल के बदले एक महीने की सैलरी (अधिकतम 12 महीने की सैलरी तक) का शानदार पैकेज दिया गया है.



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