सुपौल. भव्य भवन, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को यहां अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल की बदहाल व्यवस्था सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवाल खड़े कर रही है. तीन से चार महीने पहले बनकर तैयार हुआ आईसीयू अब तक शुरू नहीं हो सका है. संचालन के लिए रोस्टर भी तैयार है, लेकिन यूनिट पर ताला लटका हुआ है. इसके कारण गंभीर मरीजों को आईसीयू की सुविधा नहीं मिल पा रही है.
अस्पताल में आईसीयू का निर्माण पूरा हुए तीन से चार महीने बीत चुके हैं. इसके संचालन के लिए रोस्टर भी तैयार कर लिया गया है, लेकिन अब तक इसे चालू नहीं किया गया है. ऐसे में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सवाल उठ रहा है कि जब यूनिट तैयार है और संचालन की तैयारी भी हो चुकी है तो इसे शुरू करने में देरी क्यों हो रही है.
कई महीनों से बंद पड़ी है लिफ्ट
मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल में लगाई गई लिफ्ट भी कई महीनों से बंद है. इसके कारण बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को सीढ़ियों के सहारे आना-जाना पड़ रहा है. आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच लिफ्ट का बंद रहना मरीजों की परेशानी और बढ़ा रहा है.
SNCU वार्ड के सामने गंदा पानी, रास्तों पर जलजमाव
अस्पताल की स्थिति सिर्फ आईसीयू और लिफ्ट तक सीमित नहीं है. एसएनसीयू वार्ड के सामने गंदा पानी जमा रहता है. वहीं, सिविल सर्जन कार्यालय और इमरजेंसी वार्ड जाने वाले रास्ते पर भी जलजमाव की समस्या बनी हुई है. जिस जगह नवजात बच्चों को संक्रमण से बचाने और गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज देने की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां गंदगी और जलजमाव से मरीजों और परिजनों की मुश्किलें बढ़ रही हैं.
परिजनों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
अस्पताल की व्यवस्था से नाराज मरीजों के परिजनों का कहना है कि वे इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां की गंदगी और अव्यवस्थाएं देखकर चिंता बढ़ जाती है. उनका सवाल है कि जब आईसीयू, लिफ्ट और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं हैं तो आधुनिक अस्पताल होने का क्या फायदा?
सिविल सर्जन ने दिया जल्द सुधार का आश्वासन
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने अस्पताल की समस्याओं को जल्द दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है. अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन कब तक इन समस्याओं का समाधान करता है और मरीजों को कब आईसीयू, लिफ्ट और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल पाता है.