केंद्र सरकार ने अग्निवीरों पर बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों को दो साल का एक्सटेंशन देने को मंजूरी दे दी है. यानी अब उनका कार्यकाल छह साल का होगा. इसके अलावा ग्रिड एनर्जी स्टोरेज स्कीम को मंजूरी दी गई. इसके जरिये 92 गीगावाट एनर्जी स्टोर की जाएगी. इसमें 30 गीगावाट बैटरी स्टोरेज होगी और 60 गीगावाट पंप स्टोरेज होगी. इसका मकसद क्लीन एनर्जी के लिए रास्ते आसान करना है. कैबिनेट ने क्रिटिकल मिनिरल्स की प्रॉसेसिंग के लिए भी स्कीम को मंजूरी दी है. इसका मकसद क्रिटिकल मिनिरल्स और रॉ मैटेरियल्स को उपयोग के लिए तैयार करना है. डेटा बेस तैयार करने के लिए भी सरकार ने एक स्कीम को मंजूरी दी है.
कैबिनेट मीटिंग के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा, आज भारतीय रक्षा बलों और हमारे अग्निवीरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है. कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता तैयार किया है. जैसा कि आप जानते हैं, अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी. उस समय कहा गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा होगी.
अब अग्निवीरों का पहला बैच अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है. इन चार वर्षों में उनके प्रदर्शन का जो आकलन किया गया है, उसमें उनके काम को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. जैसा कि आप जानते हैं, पहले मेरिट के आधार पर 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बलों में शामिल करने का प्रावधान था. वहीं, बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को अनुशासित और प्रेरित युवा के रूप में समाज में लौटना था. लेकिन अब संशोधित योजना के तहत बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का मौका दिया जाएगा. इस दो साल की अवधि पूरी होने के बाद सशस्त्र बलों में शामिल होने के इच्छुक सभी अग्निवीरों को वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर सेना में भर्ती किया जाएगा.
कैसे मिलेगा अग्निवीरों को मौका
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा, शुरुआती चार साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 फीसदी को नियमित सैनिकों के रूप में सेना में शामिल किया जाएगा. बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों के मामले में भारतीय रक्षा बलों ने सिफारिश की थी और आज कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है कि उन्हें दो साल की दूसरी सेवा अवधि दी जाए. दो साल का यह एक्सटेंशन पूरा होने के बाद इन सभी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का मौका दिया जाएगा. हालांकि, इसके लिए उनकी अपनी इच्छा जरूरी होगी और उन्हें तय किए गए निष्पक्ष चयन मानदंडों पर खरा उतरना होगा.
ग्रिड एनर्जी स्टोरेज स्कीम की मंजूरी
केंद्र सरकार ने क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ग्रिड एनर्जी स्टोरेज स्कीम को मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इस योजना को हरी झंडी दी गई. इसे राज्य सरकारों के साथ मिलकर लागू किया जाएगा. सरकार का जोर देश में ऊर्जा भंडारण की क्षमता बढ़ाने और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत करने पर है.
सरकार का मानना है कि सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ने के साथ उसके भंडारण की व्यवस्था भी जरूरी है. ग्रिड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के जरिए जरूरत के समय बिजली का इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
डेटा बेस बनाने के लिए भी स्कीम
इस योजना के तहत सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि डेटा बेस तैयार करने पर भी ध्यान दिया जाएगा. स्किल डेवलपमेंट, सर्वे और असेसमेंट जैसे कामों को भी योजना का हिस्सा बनाया जाएगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बिना डेटा के कोई भी काम करना आसान नहीं होता. इसलिए हर तरह का डेटा किया जाएगा. सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है. चाइल्ड एब्यूज और रेप केस में तुरंत न्याय मिले इसके लिए 850 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाएगा.