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Bihar Tender Scam : बिहार टेंडर घोटाला मामले में IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर से ED ने पटना कार्यालय में पूछताछ शुरू की है. 2017 बैच के अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ ऑस्ट्रिया की यात्रा की, जिसका खर्च रिशुश्री की कंपनी ने उठाया था. ED के अनुसंधान के मुताबिक, हवाई टिकट और होटलों में ठहरने पर कुल 21.92 लाख रुपये खर्च किए गए.
बिहार टेंडर घोटाला मामले में IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर से ED ने पटना कार्यालय में पूछताछ शुरू की है.
पटना. एक निजी कंपनी के खर्च पर विदेश यात्रा और उसी कंपनी को सरकारी टेंडर दिलाने में कथित दिलचस्पी. बिहार टेंडर घोटाला मामले में IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) इसी कनेक्शन को लेकर पूछताछ कर रहा है. 2017 बैच के IAS अधिकारी बुधवार को पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे, जहां जांच एजेंसी ने उनसे सवाल-जवाब शुरू किए.
ED के अनुसंधान में आरोप है कि योगेश कुमार सागर ने अपने परिवार के आठ सदस्यों के साथ ऑस्ट्रिया की यात्रा की थी. इस यात्रा का पूरा खर्च रिशुश्री की कंपनी ने उठाया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, योगेश कुमार सागर और उनके परिजनों के हवाई टिकट से लेकर होटलों में ठहरने तक पर कंपनी ने कुल 21.92 लाख रुपये खर्च किए थे.
एक कंपनी ने IAS अधिकारी और 8 परिजनों की यात्रा का खर्च क्यों उठाया?
ED की जांच में विदेश यात्रा का यह खर्च कई सवाल खड़े कर रहा है. एजेंसी जानना चाहती है कि रिशुश्री की कंपनी का IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर से क्या संबंध था? कंपनी ने उनके और परिवार के आठ सदस्यों के ऑस्ट्रिया दौरे पर इतनी बड़ी रकम क्यों खर्च की? क्या इस यात्रा के बदले कंपनी को किसी तरह का लाभ मिला था? आरोप है कि योगेश कुमार सागर और उनके परिजन ऑस्ट्रिया के वियना, साल्जबर्ग और वोल्फगैंग गए थे. इस दौरान हवाई यात्रा और होटल में ठहरने का खर्च रिशुश्री की कंपनी ने वहन किया था. ED अब इस पूरे खर्च और कंपनी के साथ अधिकारी के कथित संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
टेंडर दिलाने में कथित दिलचस्पी पर भी सवाल
पूछताछ का दूसरा अहम पहलू रिशुश्री की कंपनी को टेंडर दिलाने में योगेश कुमार सागर की कथित भूमिका है. ED उनसे यह जानने की कोशिश कर रही है कि कंपनी को ही टेंडर दिलाने में उनकी दिलचस्पी क्यों थी? क्या विदेश यात्रा और टेंडर से जुड़े फैसलों के बीच कोई संबंध था? जांच एजेंसी कंपनी और IAS अधिकारी के बीच कथित नजदीकी की वजह भी जानना चाहती है. फिलहाल ED की पूछताछ में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 21.92 लाख रुपये की विदेश यात्रा का खर्च और टेंडर से जुड़े आरोपों के बीच क्या संबंध है.