आधार कार्ड और जमीन के दस्तावेज रख लें तैयार, नैनीताल में फार्मर ID बनाने के लिए गांव-गांव पहुंचेंगे अधिकारी

आधार कार्ड और जमीन के दस्तावेज रख लें तैयार, नैनीताल में फार्मर ID बनाने के लिए गांव-गांव पहुंचेंगे अधिकारी


नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के किसानों के लिए जरूरी खबर है, अब किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) के तहत फार्मर आईडी बनाई जा रही है. इसके लिए जिले में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग के साथ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को भी जिम्मेदारी दी गई है. किसानों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर रोस्टर तैयार किया गया है और विभिन्न क्षेत्रों में शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री की जाएगी. नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने किसानों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने और भूमि से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. इस पहल का उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना और सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.

एग्रीस्टैक केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि पहल है, जिसके तहत किसानों से संबंधित आवश्यक जानकारियों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित किया जा रहा है. इसके अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की पहचान और उनकी कृषि भूमि से संबंधित निर्धारित विवरण दर्ज किए जाएंगे. इससे पात्र किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के मुताबिक, जिले में फार्मर आईडी बनाने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है. कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए अधिकृत किया गया है. वहीं, सीएससी सेंटरों के माध्यम से भी पंजीकरण की व्यवस्था की जा रही है.

गांव-गांव लगेंगे शिविर, न्याय पंचायत स्तर पर बना रोस्टर

नैनीताल जिले के किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए न्याय पंचायत स्तर पर शिविर लगाने की योजना बनाई गई है. संबंधित विभागों का रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जाएगी. किसान अपने क्षेत्र में निर्धारित शिविर के दौरान संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, पंजीकरण की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों की मदद भी ली जा सकती है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे शिविर में जाने से पहले अपने क्षेत्र में निर्धारित तारीख और स्थान की जानकारी संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन से प्राप्त कर लें. फार्मर रजिस्ट्री के दौरान किसानों की पहचान और भूमि से संबंधित विवरण दर्ज किए जाएंगे. इसके लिए संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना जरूरी होगा. जिसमें आधार कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज प्रमुख है.

किन सरकारी योजनाओं में मिल सकता है लाभ?

फार्मर आईडी के माध्यम से किसानों की पहचान और पात्रता का सत्यापन आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. जिलाधिकारी के अनुसार, किसान पेंशन, खाद एवं उर्वरक से जुड़ी सुविधाओं, आपदा राहत और अन्य कृषि संबंधी योजनाओं के लिए डिजिटल रिकॉर्ड उपयोगी होगा. आने वाले समय में केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के लाभ वितरण में भी फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है. हालांकि, प्रत्येक योजना के लिए निर्धारित पात्रता और नियम अलग हो सकते हैं. फार्मर आईडी बन जाने मात्र से हर योजना का लाभ स्वतः मिलने की गारंटी नहीं है.

किसानों से सहयोग की अपील

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री के दौरान अधिकारियों को सही जानकारी दें और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं. प्रशासन का प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक पात्र किसान इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ सकें. ऐसे में नैनीताल जिले के किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपने क्षेत्र में लगने वाले शिविर की जानकारी रखें, भूमि अभिलेख तैयार रखें और समय रहते पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें. फार्मर आईडी भविष्य में कृषि योजनाओं से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.



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