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Bihar Fake Kidnapping Video Viral: सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और कमेंट पाने की चाह में कुछ लोग हदें पार कर रहे हैं. बिहार में एक लड़की के अपहरण का भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर सनसनी फैलाने का मामला सामने आया है. इस पर कार्रवाई करते हुए मोतिहारी पुलिस ने वीडियो शेयर करने और भ्रामक कैप्शन लिखने वाले मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, अपहरण की पूरी कहानी फर्जी थी. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
सोशल मीडिया पर अपहरण का वीडियो डालकर मचाया हड़कंप
मोतिहारी. सोशल मीडिया मे लाइक व्यू और कमेंट के लिए आज की युवा पीढ़ी किसी भी हद तक गुजरने को बेकरार है. दूसरी ओर बिहार की सरकार सोशल मीडिया को बढ़ावा देने के लिए तमाम तरह की नीतियां बना रही है. लेकिन, एक तथ्य यह भी है कि कई सोशल मीडिया क्रिएटर सरकार को बदनाम करने में जुटे हैं. सोशल मीडिया पर एक लड़की के अपहरण का भ्रामक वीडियो प्रसारित किया गया तो इलाके में हड़कंप मच गया. इसके बाद पुलिस को इसकी जानकारी मिली और पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करने वाले और अपना कैपश्नन लिखने वाले मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया.
लाइक और व्यूज के लिए अपहरण का वीडियो वायरल
जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर लड़की के अपहरण से जुड़ा वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया. वीडियो के साथ ऐसा कैप्शन लिखा गया, जिससे लोगों को लड़की के अपहरण की आशंका होने लगी. बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने और प्रसारित करने के पीछे ज्यादा से ज्यादा लाइक, व्यूज और कमेंट हासिल करने का मकसद था. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
अपहरण की कहानी निकली फर्जी, साइबर पुलिस ने की कार्रवाई
सोशल मीडिया पर अपहरण का दावा सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की. जांच के दौरान पता चला कि वीडियो में दिखाया गया अपहरण वास्तविक नहीं था, बल्कि इसे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए तैयार किया गया था. पुलिस के मुताबिक, भ्रामक वीडियो और कैप्शन के जरिए लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई थी. साइबर थाना की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया. साइबर डीएसपी प्रतिश कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है.
सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो से बढ़ सकती है परेशानी
सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के किसी वीडियो या दावे को साझा करने से लोगों में भ्रम और अफवाह फैल सकती है. अपहरण जैसी गंभीर घटना से जुड़ा फर्जी वीडियो लोगों में भय पैदा कर सकता है और पुलिस के लिए भी अनावश्यक परेशानी खड़ी कर सकता है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.