कालिंदी एक्सप्रेस बची-ज्ञानेश्वरी में गईं 148 जान, जब साजिश का शिकार हुई रेल
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Sriganganagar Railway Track Blast: श्रीगंगानगर में पैसेंजर ट्रेन को पलटाने की साजिश नाकाम हो गई. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं जब किसी ट्रेन को IED से उड़ाने की साजिश रची गई हो. अब तक कई बार बार ऐसा हो चुका है. खासतौर से ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में 148 और समझौता एक्सप्रेस में 68 लोगों ने इन साजिशों की वजह से जान गंवाई थी.
हावड़ा से मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को पलटा दिया गया था. सामने से आ रही मालगाड़ी ने इसमें भीषण टक्कर मारी थी. (फाइल फोटो-AP)
राजस्थान में श्रीगंगानगर में पैसेंजर ट्रेन को पलटाने की पूरी तैयारी थी. गनीमत रही कि विस्फोट देरी से हुआ और बड़ा हादसा टल गया. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक विस्फोट का कारण RDX को माना जा रहा है. यह पहली बार नहीं जब किसी ट्रेन को पलटाने के लिए इस तरह की साजिश रची गई हो. सबसे ताजा मामला 2019 में कालिंदी एक्सप्रेस का था, जिसमें शौचालय में RDX विस्फोट हुआ था. ये ट्रेन तो बाल-बाल बच गई थी.
मगर ये अपने आप में बड़ी आतंकी घटना मानी गई थी. इससे पहले 2010 में तो ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी, जिसमें पीछे से आई मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मारी थी. हादसे में तकरीबन 148 लोगों की जान गई थी. पानीपत में समझौता एक्सप्रेस, जौनपुर में श्रमजीवी एक्सप्रेस और बिहार में सिकंदराबाद-पटना एक्सप्रेस के लिए भी इसी तरह की साजिशें रची गईं थी.
श्रीगंगानगर में जहां रेलवे पटरी पर ब्लास्ट हुआ है, वह इलाका अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ है. यहां अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाली रेलवे लाइन पर 50 जीबी गांव के पास ट्रेन को पलटाने की तैयारी थी. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर RDX या जो भी संभावित विस्फोट है वो पटरी तक कैसे आया. बॉर्डर के नजदीक होने की वजह से इस साजिश के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन भी तलाशा जा रहा है.
राजस्थान में आखिर क्या हुआ?
अनूपगढ़ से सूरतगढ़ रेलवे लाइन के पास मंगलवार देर रात एक विस्फोट हुआ. इससे रेल की पटरियों के बीच बीच सीमेंट के स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए. विस्फोट रात तकरीबन 9 बजकर 45 मिनट पर हुआ. इससे ठीक 45 मिनट पहले ही पैसेंजर ट्रेन यहां से गुजरी थी. विस्फोट इतना भीषण था कि मौके पर 2 फीट का गड्ढा हो गया था. तेज आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त ट्रैक को देखकर पुलिस को सूचना दी.
रामसिंहपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी. हादसे की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही एटीएएस और एफएसएल की टीमें मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए. बम निरोधक दस्ते को बुलाकर आसपास ट्रैक की जांच कराई गई. एक तरफ सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं तो वहीं रेलवे के अधिकारी ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर यातायात बहाल करा रहे हैं.
रेलवे को शिकार बनाने की 5 बड़ी साजिशें
- 2019, कालिंदी एक्सप्रेस : कानपुर के पास बर्राजपुर स्टेशन पर कानपुर से भिवानी जा रही कालिंदगी एक्सप्रेस के जनरल कोच के शौचालय में विस्फोट हुआ. हालांकि यह कम तीव्रता वाला था. मौके पर सुरक्षा एजेंसियों को एक पत्र भी मिला, जिस पर जैश ए मोहम्मद का नाम लिखा था. इसमें कानपुर दिल्ली रूट पर एक पुल को उड़ाने की धमकी दी गई थी. इस विस्फोट में जान माल का नुकसान नहीं हुआ था. बाद में ATS और GRP ने मामले की जांच शुरू हुई, जिसे गंभीर साजिश माना गया.
- 2016, सिकंदराबाद-पटना एक्सप्रेस : बिहार के मोतिहारी जिले में घोड़ासहन के पास रेलवे ट्रैक पर प्रेशर कुकर बरामद हुआ, जिसमें IED रखा था. समय रहते जानकारी होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया. मामले की जांच NIA ने की. इसमें ISI कनेक्शन सामने आया था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते संचालित मॉड्यूल ने ही ट्रेन को पलटाने के लिए IED से भरा ये प्रेशर कुकर रखा था.
- 2010, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस: पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले में ट्रैक से छेड़छाड़ कर हावड़ा से मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को पलटा दिया गया. जब रेल पटरी से उतरी उसी समय दूसरी ओर से आ रही मालगाड़ी ने पलटे डिब्बों में जोरदार टक्कर मारी. इससे तकरीबन 148 यात्रियों की मौत हो गई. जांच में सामने आया कि पटरी का 18 इंच हिस्सा काटा गया था. जांच में नक्सली कनेक्शन सामने आया. मामले की जांच हुई और आगे गिरफ्तारियां भी की गईं.
ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस हादसा (फाइल फोटो-AP)
- 2007, समझौता एक्सप्रेस: पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली से अटारी जा रही समझौता एक्सप्रेस के दो कोचों में धमाके हुए थे. जांच में 4 IED लगाए जोन की बात सामने आई थी. दो कोच में विस्फोट हुआ था जो दूसरे कोचों तक फैल गया था. विस्फोट में 68 लोगों की मौत हुई थी. इनमें 43 पाकिस्तानी नागरिक थे. 12 लोग घायल हुए थे. मामले में NIA ने तीन आरोपियों की पहचान की थी, बाद में आरोप साबित न होने पर तीनों को बरी कर दिया गया था.
- 2005, श्रमजीवी एक्सप्रेस: यूपी के जौनपुर में हरपालगंज और कोइरीपुर स्टेशन के बीच नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में सीट के नीचे सूटकेस में बम रखा गया था. जांच में सामने आया कि यह बम RDX, एल्युमिनिय नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल का इस्तेमाल हुआ था. विस्फोट में तकरीबन 13 लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हो गए थे. बाद में मरने वालों का आकड़ा 12 और घायलों की संख्या 18 बताई गई थी. जांच में हूजी की भूमिका सामने आई थी. दिसंबर 2023 में अदालत ने दो लोगों को इसका दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई थी.