Paytm और PhonePe के बाद अब Razorpay की बारी, 5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर लाएगी IPO

Paytm और PhonePe के बाद अब Razorpay की बारी, 5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर लाएगी IPO


भारत की बड़ी फिनटेक कंपनियों में शामिल रेजरपे (Razorpay) अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है. कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से IPO लाने की मंजूरी मिल गई है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 2027 की पहली तिमाही में अपना IPO लॉन्च कर सकती है. इसके लिए करीब 5 अरब डॉलर यानी लगभग 42,000 करोड़ रुपये का वैल्यूएशन रखने का प्लान है. रेजरपे ने इसपर फिलहाल कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दी है.

रेजरपे का IPO ऐसे समय में आने की तैयारी है, जब भारत की कई बड़ी फिनटेक कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने की योजना बना रही हैं. कंपनी का शुरुआती प्लान 7 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर करीब 700 मिलियन डॉलर जुटाने का था, लेकिन अब बाजार के मौजूदा माहौल को देखते हुए उसने अपनी योजना में बदलाव किया है. IPO से कंपनी 500 से 600 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,200 से 5,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है. हालांकि, इश्यू का साइज निवेशकों की मांग और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा.

रेजरपे कितने रुपये का IPO लाएगी?

रेजरपे ने इस साल जून में SEBI के पास IPO के डॉक्यूमेंट्स जमा किए थे. इस प्रोसेस को कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कहा जाता है. इसमें कंपनियां अपने कारोबार और वित्तीय स्थिति से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक किए बिना नियामक के पास शुरुआती डॉक्यूमेंट्स जमा कर सकती हैं.

अब मंजूरी मिलने के बाद कंपनी लिस्टिंग की तैयारियों को आगे बढ़ा सकती है. IPO के लिए रेजरपे ने एक्सिस कैपिटल, कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेपी मॉर्गन और सिटी को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया है. ये संस्थाएं IPO की प्रक्रिया, शेयरों की कीमत तय करने और निवेशकों तक इश्यू पहुंचाने में मदद करेंगी.

रेवेन्यू में 65% की बढ़ोतरी, फिर भी कंपनी घाटे में

रेजरपे के कारोबार में पिछले कुछ सालों में अच्छी बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल आय 65% बढ़कर 3,783 करोड़ रुपये हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह 2,296 करोड़ रुपये थी. कंपनी के पेमेंट गेटवे बिजनेस, RazorpayX और विदेशों में कारोबार बढ़ने से कमाई को सहारा मिला.

कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट भी बढ़ा है. वित्त वर्ष 2025 में यह 906 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,277 करोड़ रुपये हो गया. हालांकि, इस दौरान कंपनी को 1,209 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ. इसकी बड़ी वजह कर्मचारियों को दिए गए ESOP यानी एम्प्लॉयी स्टॉक ऑप्शन से जुड़ा एकमुश्त खर्च और कंपनी का कारोबार अमेरिका से भारत में स्थानांतरित करने पर लगा टैक्स रहा. ऐसे में IPO से पहले निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाले समय में अपना घाटा कैसे कम करती है.

2014 में हुई थी शुरुआत

रेजरपे की शुरुआत 2014 में आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्रों हर्षिल माथुर और शशांक कुमार ने की थी. कंपनी कारोबारियों और कंपनियों को ऑनलाइन पेमेंट लेने, पेमेंट गेटवे और डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाएं देती है. इसके निवेशकों में GIC, पीक XV पार्टनर्स और टाइगर ग्लोबल जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी के लिए कंपनी ने अपनी कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में भी बड़ा बदलाव किया. पहले इसकी मूल कंपनी अमेरिका में रजिस्टर्ड थी। मई 2025 में रेजरपे ने रिवर्स फ्लिप प्रोसेस पूरी की और अपनी पेरेंट कंपनी को भारत में ट्रांसफर कर दिया. इसके तहत अमेरिका में रजिस्टर्ड मूल कंपनी का भारतीय इकाई के साथ विलय किया गया. इससे कंपनी के लिए भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग का रास्ता आसान हुआ.

PhonePe और PayU भी IPO की तैयारी में

रेजरपे के अलावा भारत की कई दूसरी फिनटेक कंपनियां भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं. फोनपे (PhonePe) इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक IPO लाने की योजना बना रही है. वहीं, Prosus समर्थित PayU भी भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रही है. इस सेक्टर की Pine Labs और Paytm पहले से ही शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. इसके अलावा Cashfree Payments भी फिनटेक कंपनियों के बीच एक बड़ा नाम है. इन कंपनियों के IPO से निवेशकों को डिजिटल पेमेंट और फिनटेक सेक्टर में निवेश के नए मौके मिल सकते हैं.



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