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रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है. 5 नवंबर को फिल्म थिएटर्स में रिलीज होने जा रही है. बीते मंगलवार को रामायण की स्पेशल स्क्रीनिंग थी. रणबीर कपूर ने फिल्मों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर कहा कि एआई को लेंस और तकनीक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है लेकिन कला में ह्यूमन इमोशन्स होना बहुत जरूरी है.
रणबीर कपूर और यश ने फिल्मों में एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर बात की.
नई दिल्ली. रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त बज बना हुआ है. फिल्म कल 5 नवंबर को थिएटर्स में दस्तक देने जा रही है. बीते मंगलवार, 3 नवंबर को रामायण का मुंबई में ग्रैंड प्रीमियर था. इस दौरान नितेश तिवारी की फिल्म की पूरी स्टारकास्ट अपने परिवार के साथ नजर आई थी. ‘रामायण’ के टीजर रिलीज होने के बाद से ही इसके विजुअल इफेक्ट्स (VFX), ग्रैंड सेट और म्यूजिक की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है. ‘रामायण’ की रिलीज से पहले रणबीर कपूर और यश ने फिल्मों में एआई की बढ़ते इस्तेमाल पर बात की.
रणबीर कपूर और यश ने फिल्ममेकिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर अपनी राय रखी है. दोनों कलाकारों का मानना है कि तकनीक फिल्म बनाने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकती है, लेकिन यह कभी भी इंसानी कला और अभिनय की जगह नहीं ले सकती.
फिल्मों में इंसानी इमोशन होना जरूरी
बीबीसी से बात करते हुए रणबीर कपूर ने फिल्मों में AI के बढ़ते इस्तेमाल पर बात की. एक्टर ने कहा कि कला में इंसानी जुड़ाव होना बेहद जरूरी है. उनके मुताबिक, AI का इस्तेमाल VFX और कैमरा लेंस जैसी तकनीकों में इस्तेमाल हो सकता है. रणबीर कपूर का कहना है कि AI का इस्तेमाल फिल्मों को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए.
रणबीर ने कहा, ‘कला हमेशा ज्यादा पर्सनल होती है, जब उसमें इंसानी स्पर्श होता है. मुझे लगता है कि AI का इस्तेमाल VFX या कैमरा लेंस की तरह फिल्ममेकिंग को बेहतर बनाने के लिए एक टूल के रूप में किया जा सकता है. लेकिन जिस माध्यम से हम आते हैं, यानी कहानी सुनाना, कला और परफॉर्मिंग आर्ट, मुझे नहीं लगता कि AI कभी इसकी जगह ले सकता है’.
यश ने की एआई से सतर्क रहने की बात
वहीं, यश ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए तकनीक के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की बात कही. उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि इस पूरी प्रक्रिया में इंसान शामिल हैं और यह तय करना जरूरी है कि AI का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया जाए. यश के मुताबिक, इंसानों में नई चीजें सोचने और रचनात्मकता के जरिए कुछ अलग करने की क्षमता है, जिसके सामने मशीनों को भी चुनौती मिल सकती है. ‘रामायण’ के ‘रावण’ कहते हैं कि हम लोग सर्वाइवर हैं. हमें बस एआई का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए.