Bihar Teacher Recruitment 2026: बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच चौथे चरण की शिक्षक भर्ती को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4.0 के लिए करीब 9.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. यह अब तक के शिक्षक भर्ती चरणों में सबसे ज्यादा आवेदन का आंकड़ा है. इस बार भर्ती में बिहार के साथ दूसरे राज्यों के युवाओं ने भी बड़ी संख्या में दावेदारी की है. खासकर उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है. प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 5 तक के पदों के लिए यूपी के उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा आवेदन किए हैं.
इस भर्ती के जरिए बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल 33,320 शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है. आवेदन की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 को समाप्त हो चुकी है. करीब 10 लाख आवेदन आने के बाद अब इस भर्ती में मुकाबला काफी कड़ा होने की संभावना है. खास बात यह है कि इस बार केवल पदों की संख्या ही नहीं, बल्कि परीक्षा का पैटर्न भी उम्मीदवारों के लिए अहम रहने वाला है. परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू होगी और ओएमआर शीट पर पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा. ऐसे में अभ्यर्थियों को सवालों के जवाब देते समय पहले से ज्यादा सावधानी बरतनी होगी.
दो साल के इंतजार के बाद आई भर्ती, इसलिए बढ़े आवेदन
BPSC TRE-4.0 में बड़ी संख्या में आवेदन आने की एक वजह पिछली भर्ती के बाद मिला करीब दो साल का अंतराल भी माना जा रहा है. इस दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी करने के लिए अतिरिक्त समय मिला. लंबे इंतजार के बाद भर्ती आने से बिहार के अलावा दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों ने भी इसमें रुचि दिखाई. प्राथमिक स्तर पर उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की बड़ी भागीदारी इसी का संकेत है. इस बार प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के पदों पर नियुक्तियां होनी हैं. कक्षा 1 से 5 और माध्यमिक स्तर के पदों के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं हालांकि सबसे ज्यादा आवेदन प्राथमिक शिक्षक के पदों के लिए मिले हैं. ऐसे में इन पदों पर प्रतियोगिता अधिक रहने और कटऑफ ऊपर जाने की संभावना जताई जा रही है.
अपीयरिंग उम्मीदवारों को मौका मिलने से भी बढ़े दावेदार
इस बार आवेदन की संख्या बढ़ने की एक दूसरी वजह अपीयरिंग उम्मीदवारों को मौका मिलना भी है यानी ऐसे अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला जो संबंधित पात्रता या परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं. इससे आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का दायरा बढ़ा है.इसके अलावा बिहार में पिछले कुछ वर्षों में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी STET लगातार आयोजित होने से भी पात्र अभ्यर्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है. पात्रता परीक्षा में शामिल होकर सफल होने वाले उम्मीदवारों को शिक्षक भर्ती में अपनी दावेदारी पेश करने का अवसर मिला है. दो अवसरों पर परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलने से भी आवेदन करने वालों की संख्या बढ़ी है.
कक्षा 1 से 5 तक के पदों के लिए सबसे ज्यादा आवेदन
BPSC TRE-4.0 में प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों की नियुक्ति होनी है. उपलब्ध पदों के विवरण के अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के लिए 3,847 पद निर्धारित किए गए हैं. कक्षा 6 से 8 तक के लिए 8,563 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं. कक्षा 9 और 10 के लिए संशोधित पदों सहित कुल 4,380 पद बताए गए हैं जबकि कक्षा 11 और 12 के लिए संशोधित पदों सहित 16,540 पद रखे गए हैं.इस तरह दिए गए इन आंकड़ों को जोड़ने पर कुल पदों की संख्या 33,330 होती है हालांकि भर्ती का कुल आंकड़ा 33,320 बताया गया है. वहीं एक अन्य विवरण में कक्षा 9 और 10 के लिए 4,370 पद बताए गए हैं. इस संख्या को जोड़ने पर कुल पद 33,320 होते हैं. इसलिए माध्यमिक स्तर के पदों की अंतिम संख्या और कुल रिक्तियों का आंकड़ा आयोग के आधिकारिक नोटिफिकेशन से मिलाना जरूरी है.
यूपी के अभ्यर्थियों की प्राइमरी भर्ती में सबसे ज्यादा दावेदारी
बिहार शिक्षक भर्ती में इस बार दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों की भागीदारी भी चर्चा में है. इनमें उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की संख्या खास तौर पर अधिक बताई जा रही है. प्राथमिक शिक्षक यानी कक्षा 1 से 5 तक के पदों के लिए यूपी के उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा आवेदन किए हैं. बाहरी राज्यों से आवेदन करने वालों की कुल संख्या भी लाख के पार बताई गई है.इससे साफ है कि बिहार की शिक्षक भर्ती अब केवल राज्य के अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रह गई है. दूसरे राज्यों के युवा भी यहां शिक्षक बनने का मौका तलाश रहे हैं. प्राथमिक स्तर पर सबसे ज्यादा आवेदन आने के कारण इन पदों पर चयन की प्रतिस्पर्धा और कड़ी हो सकती है.
एक लिखित परीक्षा से होगा चयन, निगेटिव मार्किंग भी लागू
TRE-4.0 में चयन के लिए सिंगल रिटन एग्जाम यानी एक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस बार परीक्षा में निगेटिव मार्किंग लागू की गई है. गलत उत्तर देने पर उम्मीदवारों के अंक काटे जाएंगे. हर गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक की कटौती होगी. ऐसे में केवल ज्यादा सवाल हल करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि सही जवाब देना भी जरूरी होगा.निगेटिव मार्किंग के कारण बिना सोचे-समझे विकल्प चुनना उम्मीदवारों को भारी पड़ सकता है. पहले जहां अभ्यर्थी कई सवालों में अनुमान के आधार पर जवाब देने की कोशिश करते थे वहीं इस बार उन्हें हर उत्तर को लेकर सावधान रहना होगा. परीक्षा में तुक्का लगाने की रणनीति नुकसान पहुंचा सकती है.
ओएमआर शीट पर अब चार नहीं, पांच विकल्प होंगे
इस बार परीक्षा के ओएमआर पैटर्न में भी बदलाव किया गया है. पहले उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए चार विकल्प दिखाई देते थे, लेकिन अब पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा. यह विकल्प उन सवालों के लिए होगा जिनका जवाब अभ्यर्थी नहीं देना चाहते या जिन्हें वे छोड़ना चाहते हैं.उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि अगर वे किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहते हैं तो पांचवें विकल्प को भरना जरूरी होगा. यदि कोई अभ्यर्थी सवाल छोड़ देता है और पांचवें गोले को भी खाली रखता है तो उसके एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे यानी जिस सवाल में कोई भी विकल्प नहीं भरा जाएगा.उस पर भी निगेटिव मार्किंग का असर पड़ेगा. इसलिए अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट भरते समय इस नियम का खास ध्यान रखना होगा.
जनवरी से फरवरी के बीच हो सकती है परीक्षा
BPSC TRE-4.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 को समाप्त हो गई है. अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा की तारीख पर है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा जनवरी से फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है हालांकि परीक्षा की सटीक तारीख को लेकर उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा.करीब 9.95 लाख आवेदन और 33 हजार से अधिक पदों के बीच इस बार चयन की चुनौती बड़ी रहने वाली है. खासकर प्राथमिक शिक्षक के पदों पर सबसे ज्यादा आवेदन आने से मुकाबला कड़ा हो सकता है. वहीं निगेटिव मार्किंग और ओएमआर शीट के पांचवें विकल्प का नियम भी परीक्षा में उम्मीदवारों की रणनीति को प्रभावित करेगा.