इस दिवाली गिफ्ट करें उत्तराखंड की संस्कृति, ऐपण से लेकर लड्डू कैंडल्स तक, नैनीताल में मिल रहे अनोखे तोहफे

इस दिवाली गिफ्ट करें उत्तराखंड की संस्कृति, ऐपण से लेकर लड्डू कैंडल्स तक, नैनीताल में मिल रहे अनोखे तोहफे


नैनीताल: रोशनी और खुशियों के त्योहार दीपावली को खास बनाने के लिए बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. लोग घरों को सजाने के साथ ही अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को यादगार उपहार देने की तैयारियों में जुटे हैं. ऐसे में अगर आप भी इस दिवाली कुछ अलग और खास गिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं, तो सरोवर नगरी नैनीताल के बाजारों में आपको कई आकर्षक विकल्प मिल जाएंगे. यहां पारंपरिक ऐपण कला से सजी कैंडल्स से लेकर लड्डू, मोदक, फ्रूट और फ्लोटिंग कैंडल्स तक की खूबसूरत वैरायटी उपलब्ध है. खास बात यह है कि कुछ कैंडल्स देखने में इतनी वास्तविक लगती हैं कि पहली नजर में इन्हें पहचानना भी मुश्किल हो जाता है.

नैनीताल लंबे समय से अपनी रंग-बिरंगी और आकर्षक मोमबत्तियों के लिए देशभर में पहचान रखता है. यहां कई दशकों से कैंडल बनाने का काम किया जा रहा है. समय के साथ इस पारंपरिक कारोबार में भी कई बदलाव आए हैं. पहले जहां बाजारों में सामान्य आकार और डिजाइन की मोमबत्तियां अधिक देखने को मिलती थीं, वहीं अब स्थानीय कारीगर अपनी रचनात्मकता से इन्हें आधुनिक और आकर्षक रूप दे रहे हैं. पारंपरिक कला और नए प्रयोगों के मेल से तैयार की जा रही ये कैंडल्स पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी खूब पसंद आ रही हैं.

ऐपण कैंडल्स में दिख रही उत्तराखंड की लोकसंस्कृति

इस बार नैनीताल के कैंडल बाजार में उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला ऐपण खास आकर्षण बनी हुई है, ऐपण उत्तराखंड की प्राचीन लोककला है, जिसे शुभ अवसरों, त्योहारों और धार्मिक आयोजनों पर घरों की देहरी, आंगन और पूजा स्थलों पर बनाया जाता है. अब इसी कला को कैंडल्स पर भी उकेरा जा रहा है. इन पर बने पारंपरिक डिजाइन और आकृतियां इन्हें सामान्य मोमबत्तियों से अलग पहचान दे रही हैं. ऐसे में ये कैंडल्स केवल सजावट का सामान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को अपनों तक पहुंचाने का एक खूबसूरत माध्यम भी बन रही हैं.

लड्डू और मोदक कैंडल्स बनीं खास आकर्षण

नैनीताल स्थित बुधलाकोटी कैंडल्स के मालिक राजीव बुधलाकोटी ने बताया कि इस बार दीपावली के लिए खास तौर पर लड्डू, मोदक और ऐपण कैंडल्स तैयार की जा रही हैं. इनकी बनावट और डिजाइन लोगों को काफी आकर्षित कर रही है. लड्डू और मोदक के आकार में तैयार की गई ये कैंडल्स देखने में बिल्कुल असली मिठाइयों जैसी लगती हैं. इसके अलावा दुर्गा, बुद्धा हेड और अन्य देवी-देवताओं की आकृतियों वाली कैंडल्स भी तैयार की गई हैं. इनकी फिनिशिंग इतनी आकर्षक है कि ये देखने में तांबे की मूर्तियों जैसी प्रतीत होती हैं.

बीयर और जेल कैंडल्स भी बाजार में मौजूद

पारंपरिक डिजाइन के अलावा यहां आधुनिक प्रयोगों से तैयार की गई कैंडल्स की भी अच्छी वैरायटी उपलब्ध है. इनमें फ्रूट कैंडल्स, अलग-अलग खुशबू वाली मोमबत्तियां और फ्लोटिंग कैंडल्स शामिल हैं. वहीं जेल वैक्स से तैयार की गई बीयर कैंडल्स भी लोगों का ध्यान खींच रही हैं, इनका डिजाइन बिल्कुल बीयर के गिलास जैसा दिखाई देता है. आकर्षक रंगों और अनोखी बनावट के चलते ये कैंडल्स घर की सजावट और गिफ्टिंग के लिए एक अलग विकल्प बन रही हैं.

100 रुपये से शुरू हैं कैंडल्स की कीमतें

राजीव बुधलाकोटी के मुताबिक, इस बार लड्डू और मोदक कैंडल्स की कीमत 100 रुपये से शुरू है. वहीं दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की आकृतियों वाली स्टैच्यू कैंडल्स 250 रुपये से उपलब्ध हैं. अलग-अलग डिजाइन और आकार के अनुसार इनकी कीमत तय की गई है. ऐसे में लोग अपने बजट के अनुसार इन अनोखे उपहारों का चयन कर सकते हैं. राजीव बुधलाकोटी ने बताया कि पहले के मुकाबले नैनीताल में कैंडल्स के कारोबार में गिरावट आई है. पहले गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पर्यटक नैनीताल पहुंचते थे. इन राज्यों से आने वाले पर्यटकों को यहां की रंग-बिरंगी और डिजाइनर कैंडल्स काफी पसंद आती थीं. वे इन्हें अपने साथ यादगार उपहार के रूप में लेकर जाते थे. हालांकि, अब पर्यटकों के यात्रा रुझान में बदलाव देखने को मिल रहा है. उनके मुताबिक, अब कई पर्यटक हिमाचल और मुनस्यारी जैसे पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं, जबकि नैनीताल में मुख्य रूप से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं.



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