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Himachal Renuka Ji Fair: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में होने वाले श्री रेणुका जी मेले के लिए पंचायत प्रधानों से दो-दो हजार रुपये की मांग पर विवाद खड़ा हो गया है. पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मांग को अनुचित ठहराया है.
सिरमौर जिले के अंतरराष्ट्रीय स्तरीय श्री रेणुका जी मेले के आयोजन को लेकर अब एक नया विवाद सामने आया है.
नाहन. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के अंतरराष्ट्रीय स्तरीय श्री रेणुका जी मेले के आयोजन को लेकर अब एक नया विवाद सामने आया है. मेले के लिए पंचायत प्रधानों से दो-दो हजार रुपये की मांग किए जाने पर पंचायत प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई है.मामले को लेकर औद्योगिक क्षेत्र की कालाअंब पंचायत के प्रधान यशपाल नाहन में मीडिया से बातचीत कर रही थे.
पंचायत प्रधान यशपाल ने इस मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि मेले के आयोजन के लिए पंचायत प्रधानों से पैसे मांगना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि अधिकारी नाहन से पंचायत प्रधानों से 2 -2 हजार की मांग की जा रही है. जोकि उचित नही है.उन्होंने सवाल उठाया कि जब पंचायतों के पास अपने क्षेत्र के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यों की जिम्मेदारी है, तो ऐसे में उनसे मेले के लिए धनराशि मांगना कहां तक सही है.
उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय इस मेले में स्थानीय कलाकारों को मंच देकर न केवल क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है, बल्कि लाखों रुपये की बचत भी की जा सकती है. उन्होंने रेणुका जी विकास बोर्डों से बाहरी राज्यों के कलाकारों पर होने वाली फिजूलखर्ची रोकने की मांग भी उठाई. अहम बात है कि हिमाचल के मेलों में पंजाबी गायकों को बुलाकर फिजूलखर्ची की जाती है, जबकि उनकी तरफ से हिमाचल में आपदा के दौरान कोई मदद नहीं की जाती है.
सुक्खू सरकार के सामने आर्थिक संकट
हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार आर्थिक संकट से जूझ रही है और जिला स्तर पर होने वाले मेलों के आयोजन के लिए पैसों का संकट है. बीते समय में भी ऐसे मामले सामने आए थे, जब सरकार ने ऐसे पैसे उगाही के आदेश दिए थे. कांगड़ा कार्निवाल के दौरान पेट्रोल पंपों को आदेश दिए गए थे. बीते साल भी रेणुजी मेले के लिए पैसे जुटाने के आदेश दिए गए थे.
पंचायत प्रधान यशपाल ने इस मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि मेले के आयोजन के लिए पंचायत प्रधानों से पैसे मांगना उचित नहीं है.
रेणुका जी मेला बेहद चर्चित है
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित श्री रेणुका जी अंतरराष्ट्रीय मेला 19 से 24 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा. यह मेला भगवान परशुराम और उनकी माता देवी रेणुका के पवित्र मिलन का प्रतीक है. यह स्थान भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मस्थान माना जाता है. देवी रेणुका महर्षि जमदग्नि की पत्नी और भगवान परशुराम की माता थी. राजा सहस्त्रबाहु ने महर्षि जमदग्नि की हत्या कर दी थी तो दुखी होकर माता रेणुका ने ‘राम सरोवर’ में छलांग लगा दी थी और इसे अब रेणुका झील कहा जाता है. माना जाता है कि रेणुका माता जब पानी में समाईइ तो सरोवर ने स्त्री के शरीर का आकार ले लिया. अगर आप इस झील को पहाड़ी से देखेंगे तो यह स्त्री के आकार में नजर आती है.