5 मौतों की मिस्ट्री: चाकू-हथौड़ा बरामद, क्या 40 लाख के कर्ज के प्रेशर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार?

5 मौतों की मिस्ट्री: चाकू-हथौड़ा बरामद, क्या 40 लाख के कर्ज के प्रेशर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार?


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भोपाल के मालीखेड़ी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में करीब 40 लाख रुपये के कर्ज की बात सामने आई है. नरेंद्र साहू ने कर्ज चुकाने के लिए एक साल पहले मकान भी बेच दिया था. पुलिस चाकू, हथौड़ा और मोबाइल फोन की जांच के साथ सूदखोरी के एंगल से भी पड़ताल कर रही है.

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नरेंद्र साहू के घर में जांच-पड़ताल करती हुई भोपाल पुलिस.

रिपोर्ट- रमांकात दुबे, भोपाल. भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के मालीखेड़ी में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. नरेंद्र साहू और उनके परिवार के साथ आखिर क्या हुआ? पांच लोगों की मौत के पीछे आर्थिक तंगी, कर्ज का दबाव या कोई दूसरी वजह है? फिलहाल इन सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है. शुरुआती जांच में करीब 40 लाख रुपये के कर्ज की बात सामने आई है. ऐसे में पुलिस सूदखोरी और कर्ज के दबाव के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है.

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नरेंद्र साहू और उनका परिवार सूदखोरों के दबाव में था? क्या कर्ज चुकाने के लिए मकान बेचने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली? पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के बाद मौतों की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी. मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच से परिवार की आखिरी बातचीत और संभावित विवादों की जानकारी मिल सकती है. जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि पांचों लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई. क्या यह सामूहिक हत्या का मामला है या इसके पीछे कोई दूसरी घटनाक्रम है? पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

चाकू और हथौड़ा बरामद, सिर पर भी किए गए वार

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल से एक धारदार चाकू और हथौड़ा बरामद किया गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार के सदस्यों के गले पर चाकू से वार किए गए थे. इसके अलावा सिर पर हथौड़े से भी चोट पहुंचाई गई थी. पुलिस ने मृत नरेंद्र साहू की पत्नी और मां के मोबाइल फोन जब्त किए हैं. वहीं, नरेंद्र साहू का मोबाइल फोन तलाशा जा रहा है. पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि घटना से पहले परिवार किन लोगों के संपर्क में था और क्या किसी तरह का दबाव या विवाद चल रहा था.

40 लाख का कर्ज, मकान बेचकर भी नहीं उतरा बोझ

सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र साहू पहले टैक्सी चलाते थे. फिर रेस्टोरेंट का कारोबार करते थे. लेकिन पिछले कुछ समय से वे कुक यानी रसोइए का काम कर रहे थे. बताया जा रहा है कि कारोबार में परेशानी और आर्थिक तंगी के चलते उन पर कर्ज बढ़ता चला गया. करीब एक साल पहले उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए खेजड़ी में अपना मकान बेच दिया था. इसके बाद भी वे कर्ज से मुक्त नहीं हो पाए. पिछले एक साल से परिवार किराए के मकान में रह रहा था. सूत्रों का दावा है कि नरेंद्र साहू पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था. कर्ज का बोझ कम नहीं होने से वे काफी परेशान थे. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कर्ज किन लोगों से लिया गया था और क्या इसमें अवैध सूदखोरी भी शामिल थी. पुलिस इस पहलू की पड़ताल कर रही है.



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