Last Updated:
नैनीताल (गौरव जोशी): सरोवर नगरी नैनीताल की ऐतिहासिक माल रोड के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है. साल 2018 में भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हुई लोअर माल रोड को लंबे इंतजार के बाद स्थायी उपचार और सुरक्षात्मक कार्य पूरे होने के पश्चात यातायात के लिए खोल दिया गया है. करीब एक साल से मरम्मत कार्यों के चलते बंद चल रही इस सड़क पर अब वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी. सड़क खुलने से स्थानीय लोगों, कारोबारियों और नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
नैनीताल की ऐतिहासिक माल रोड आज शहर की पहचान और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, लेकिन इस सड़क का इतिहास अंग्रेजी हुकूमत के दौरान किए जाने वाले भेदभाव और नस्लीय मानसिकता की कहानी भी बयां करता है. ब्रिटिश शासनकाल में नैनीताल की माल रोड को दो हिस्सों में बांटकर देखा जाता था. अपर माल रोड पर अंग्रेजों का विशेष अधिकार माना जाता था, जबकि भारतीय नागरिकों को लोअर माल रोड से आवाजाही करनी पड़ती थी.
इतिहास के पन्नों में दर्ज नैनीताल की माल रोड का यह दौर अंग्रेजों की औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाता है. कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास के रिटायड प्रोफेसर डॉक्टर अजय रावत बताते हैं उस समय अपर माल रोड पर भारतीयों के पैदल चलने तक पर प्रतिबंध था. यदि कोई भारतीय इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर अपर माल रोड पर चलता हुआ पाया जाता था तो उसे ब्रिटिश शासन के दौरान सजा दिए जाने का सामना करना पड़ता था.
अंग्रेजों ने नैनीताल को अपनी ग्रीष्मकालीन गतिविधियों और आरामगाह के रूप में विकसित किया था. इसी दौरान शहर में कई ऐसे नियम और व्यवस्थाएं बनाई गईं, जिनमें भारतीयों और अंग्रेजों के बीच भेदभाव साफ दिखाई देता था. माल रोड पर लगाया गया यह प्रतिबंध भी उसी औपनिवेशिक व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
समय बदला और देश आजाद हुआ तो माल रोड पर भी अंग्रेजों के दौर की पाबंदियां समाप्त हो गईं. आज अपर और लोअर माल रोड दोनों ही आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए शहर की महत्वपूर्ण सड़कें हैं. नैनी झील के किनारे बनी यह सड़क पर्यटकों के लिए सैर-सपाटे का प्रमुख केंद्र है. शाम के समय यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही देखने लायक होती है.
आज जिस माल रोड पर देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक बेफिक्र होकर घूमते हैं, उसी सड़क का अतीत अंग्रेजों के दौर के नस्लीय भेदभाव की याद दिलाता है. कभी भारतीयों को जिस सड़क पर चलने की अनुमति नहीं थी, आज वही सड़क सभी नागरिकों के लिए खुली है. नैनीताल की माल रोड का यह इतिहास शहर की विरासत के साथ-साथ देश की आजादी और समानता के महत्व को भी रेखांकित करता है.
नैनीताल की माल रोड शहर की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है. यह सड़क न केवल शहर की यातायात व्यवस्था का अहम हिस्सा है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी इसकी विशेष भूमिका है. वर्ष 2018 में भूस्खलन के कारण लोअर माल रोड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था. सड़क का बड़ा हिस्सा झील की ओर धंसने के कारण यहां यातायात प्रभावित हुआ था. इसके बाद से सड़क की सुरक्षा और स्थायी उपचार को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे.
बीते करीब एक साल से लोअर माल रोड पर मरम्मत और सुरक्षात्मक कार्य चलने के कारण यातायात बंद था. इसके चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था. खासकर शहर में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के दौरान यातायात का दबाव दूसरी सड़कों पर भी बढ़ जाता था. अब सड़क खुलने से शहर की यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलने की उम्मीद है.
लोअर माल रोड बंद होने का असर शहर की आवाजाही के साथ पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ रहा था. माल रोड नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण है. इसके अलावा स्थानीय नागरिकों, होटल कारोबारियों, टैक्सी संचालकों और अन्य व्यापारियों के लिए भी यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है. सड़क खुलने से पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और शहर के यातायात दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
वर्ष 2018 में लोअर माल रोड पर हुए भूस्खलन ने नैनीताल की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों और झील के आसपास की सड़कों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. ऐसे में सड़क का स्थायी उपचार पूरा होना शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
अब लोगों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि सुरक्षात्मक कार्यों के बाद सड़क की स्थिति और मजबूती को किस तरह बनाए रखा जाता है. फिलहाल लोअर माल रोड के यातायात के लिए खुलने से नैनीतालवासियों ने राहत की सांस ली है. लंबे इंतजार के बाद शहर की इस ऐतिहासिक सड़क पर फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू होना स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया है.