हल्द्वानी (शैलेंद्र सिंह नेगी) : अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक रावत क्या आने वाले दिनों में राजनीति में उतर सकते हैं? यह सवाल अचानक से राजनीतिक गलियारों में खड़ा हो गया है. इस बात के बड़े संकेत मिले हैं कि वर्तमान में कुमाऊं की कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत आने वाले दिनों में राजनीति का रास्ता अपना सकते हैं. संकेत किसी और ने नहीं बल्कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए. वो भी खुलेआम. हालांकि इस पर अभी दीपक रावत की प्रतिक्रिया आना बाकी है.
कहां की मुख्यमंत्री ने घोषणा?
दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हल्द्वानी दौरे पर पहुंचे थे. इसी दौरान फॉरेस्ट ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट के स्पोर्ट्स ग्राउंड में बने हुए हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा. यहीं पर सीएम का स्वागत करने के लिए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के साथ कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती कई सीनियर ऑफिशल्स मौजूद थे.
इसी दौरान स्वागत की औपचारिकता निभाते हुए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का फूलों का बुके देकर स्वागत किया. ठीक इसी समय मुख्यमंत्री ने दूसरे बगल में खड़े कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को लेकर एक टिप्पणी कर डाली. सीएम धामी ने कैबिनेट मंत्री राम सिंह खेड़ा के हाथों से फूलों का गुलदस्ता लेते हुए कहा कि आने वाले दिनों में कमिश्नर साहब को भी ऐसे ही आना है. हालांकि सीएम के यह कहते ही वहां पर खड़े लोग मुस्कुराने लगे थे.
कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के फूलों का गुलदस्ता देने के बाद कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक किताब भेंट की. मगर, सीएम की छोटी सी बात इस बात की ओर संकेत कर गई कि चर्चित आईएएस दीपक रावत आने वाले दिनों में राजनीति में उतर सकते हैं.
कौन हैं दीपक रावत?
14 सितंबर 1977 में पैदा हुए दीपक रावत 2007 के उत्तराखंड कैडर के ऑफिसर हैं. उन्होंने अपनी स्कूलिंग मसूरी के सेंट जॉर्ज स्कूल से की. दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद आगे की पढ़ाई देश की सबसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय शामिल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से इतिहास में ही पोस्ट ग्रेजुएशन किया. IAS बनने से पहले दीपक रावत एक IRS अधिकारी थे.
IAS बनने के बाद अपने करियर के दौरान दीपक रावत
जिलाधिकारी, बागेश्वर, एमडी, कुमाऊं मंडल विकास निगम, जिलाधिकारी, नैनीताल, जिलाधिकारी, हरिद्वार, रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे हैं. इनके अलावा उन्होंने हरिद्वार कुंभ मेला अधिकारी, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक, पिटकुल के प्रबंध निदेशक और उरेडा के निदेशक जैसी जिम्मेदारियां भी संभाली हैं. साल 2021 से कुमाऊं मंडल के आयुक्त और मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में तैनात हैं.
सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं
IAS दीपक रावत सोशल मीडिया में बहुत ज्यादा सक्रिय रहते हैं. फेसबुक में उनकी जहां तकरीबन 3 लाख से ज्यादा फॉलोइंग है वही यूट्यूब चैनल पर उनके 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. यही नहीं इंस्टाग्राम पर भी उनकी फैन फॉलोवरशिप लगातार बढ़ रही है. दीपक रावत जहां भी कार्रवाई के लिए जाते हैं वहां मीडिया का जमावड़ा लग जाता है. उनकी सोशल मीडिया पर कई वीडियो है जिसमें वह अधिकारियों को कड़ी हिदायतें देते हुए दिखते हैं साथ ही जमीनी हकीकत भी जानते हुए दिखते हैं.
कहां से चुनाव लड़ सकते हैं दीपक रावत?
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत वैसे तो अपने करियर के दौरान गढ़वाल मंडल से लेकर कुमाऊं तक तैनात रहे हैं. लेकिन उनके करियर का ज्यादा हिस्सा कुमाऊं में बीता है. वह मूलतः रुद्रप्रयाग के लोली गांव के रहने वाले हैं. उनकी ननिहाल पौड़ी गढ़वाल के मंगला कोटी गांव में है. उन्होंने अपनी स्कूलिंग मसूरी से की है. अब देखने वाली बात है कि पूरे प्रदेश में अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर दीपक रावत क्या राजनीति में आते हैं? और राजनीति में आकर वह किस जगह को अपना अड्डा बनाते हैं. हालांकि वह राजनीति में आएंगे या नहीं इस पर अभी संशय है.