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Koderma News: पीएम आवास योजना से कोडरमा के अजीत दास का जीवन बदल गया. पहले वे कच्चे घर में रहते थे, बरसात के दिनों में आए दिन पानी टपकता था लेकिन अब वे पक्के मकान में सुकून से रहते हैं. उन्हें इस योजना के तहत 2.25 लाख रुपये की मदद मिली.
कोडरमा. कभी बारिश की बूंदों से बचने के लिए घर के अंदर बर्तन रखने पड़ते थे. तो कभी खपरैल की छत से टपकते पानी के कारण पूरी रात परिवार को चिंता में गुजारनी पड़ती थी. दिहाड़ी मजदूरी से होने वाली सीमित आमदनी में बच्चों और माता-पिता की देखभाल के बाद घर बनाने के लिए पैसे बचाना अजीत दास के लिए किसी सपने से कम नहीं था. लेकिन केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है. आज अजीत दास अपने परिवार के साथ पक्के मकान की छत के नीचे हर मौसम में सुकून की नींद लेते हैं.
दूसरों के आवास निर्माण में करते थे मजदूरी
झुमरी तिलैया नगर परिषद क्षेत्र के गुमो निवासी अजीत रविदास दिहाड़ी मजदूर हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि कभी काम मिलता था तो कभी काम नहीं मिल पाता था. जो मजदूरी मिलती, उससे परिवार का भरण-पोषण और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना ही मुश्किल होता था. पक्का मकान बनाना उनके लिए दूर की बात थी.
अजीत ने बताया कि वह दूसरों के मकान बनाने में मजदूरी करते थे. ईंट, सीमेंट और बालू जैसी निर्माण सामग्री ढोने से लेकर अन्य निर्माण कार्यों में वह मजदूरी करते रहे. इसी दौरान करीब चार साल पहले उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने वार्ड पार्षद के माध्यम से योजना के लिए आवेदन किया. आवेदन के साथ खतियान की कॉपी, आधार कार्ड समेत आवश्यक दस्तावेज जमा किए.
पहली किस्त से रखी नींव, इसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ा काम
उन्होंने बताया कि आवेदन के बाद जब योजना की सूची में उनका नाम आया तो नगर परिषद की पीएम आवास योजना टीम उनके घर और जमीन की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने पहुंची. स्थल निरीक्षण और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ. स्वीकृति मिलने के बाद उनके बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में 45 हजार रुपये की राशि पहुंची.
इस राशि से उन्होंने अपने पक्के मकान की नींव रखी और टाई बीम की ढलाई तक का काम कराया. इसके बाद योजना से जुड़े सुपरवाइजर ने दोबारा स्थल निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की तस्वीरें लीं. जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें दूसरी किस्त की राशि मिली, जिससे उन्होंने मकान का निर्माण आगे बढ़ाया.
बरसात में भीगते थे कपड़े और अनाज, घर में भी घुसता था पानी
अजीत दास ने बताया कि उन्हें कुल चार किस्तों में 2 लाख 25 हजार रुपये की राशि मिली. इस राशि की मदद से उन्होंने अपने परिवार के लिए दो कमरे, एक हॉल और छत पर जाने के लिए सीढ़ी वाला पक्का मकान तैयार कराया. पहले बारिश का मौसम उनके परिवार के लिए परेशानी लेकर आता था. खपरैल की छत से पानी टपकता था और कई बार कपड़े व अनाज भीगकर खराब हो जाते थे.
घर के अंदर पानी घुस जाने के कारण परिवार को रातभर परेशानी झेलनी पड़ती थी. तेज बारिश के दौरान बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी. अब पक्का मकान मिलने के बाद उनके परिवार की यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने पर केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया.