duck farming high profit tips for two ndian runner and khaki campbell breeds

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Duck Farming Success Tips: बत्तख पालन में सबसे ज्यादा ध्यान नस्लों पर रखना होता है. क्योंकि सही नस्ल का चयन नहीं करने से अंडे का सही उत्पादन नहीं होता है और फिर कमाई नहीं हो पाती है. इसी कड़ी में आज हम नस्लों के बारे में ही बात करेंगे, जिसमें अंडे देने की क्षमता अधिक होती.

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Duck Farming Success Tips: बिहार में धीरे-धीरे बत्तख पालन ग्रामीण इलाकों का बेहतर मुनाफा वाला व्यापार बनता जा रहा है. बहुत ऐसे हैं, जो बत्तख पालन के जरिए बेहतर कमाई कर रहे हैं. हालांकि, कई लोगों ने अभी शुरू ही किया है. बत्तख पालन में सबसे ज्यादा ध्यान नस्लों पर रखना होता है. क्योंकि सही नस्ल का चयन नहीं करने से अंडे का सही उत्पादन नहीं होता है और फिर कमाई नहीं हो पाती है. इसी कड़ी में आज हम नस्लों के बारे में ही बात करेंगे, जिसमें अंडे देने की क्षमता अधिक होती है. जहानाबाद जिला के मखदुमपुर प्रखंड के रहने वाले किसान रमाकांत एक हजार बत्तख पास रखे हुए हैं.

रमाकांत 4 महीने पहले बत्तख पालन की शुरुआत की है. उनका मानना है कि यदि आप बत्तख पालन की ओर बढ़ रहे हैं तो जगह और खाना का ध्यान रखना जरूरी है. साथ ही बत्तख की नस्लों का भी ध्यान रखना होता है. अगर आप नस्लों का ख्याल रखे तो कहीं न कहीं आपको बेहतर अंडे का उत्पादन मिल सकता है. इस तरह अंडे का उत्पादन कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. हमारे जिले में ज्यादातर देसी नस्लों को पालते हैं. हालांकि, यह उस हिसाब से अंडे का उत्पादन नहीं कर पाती है.

इन दो नस्लों की बत्तख से होंगे मालामाल
Local 18 से रमाकांत ने बताया कि हम लोगों को यही सलाह देंगे कि आप बत्तख पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं तो दो नस्लों को घर ले आएं. ये नस्ल इंडियन रनर और खाकी कैंबल है. इन दोनों नस्ल की बत्तखों का अंडा उत्पादन के लिए जाना जाता है. इंडियन रनर जहां 280 अंडे प्रत्येक साल देती है तो खाकी कैंबल का अंडा उत्पादन क्षमता 300 अंडे प्रत्येक साल है. ऐसे में दोनों मिलकर एक साल में लगभग 580 से 600 अंडे तक उत्पादन करेगी. इस हिसाब से अगर 100 बत्तख रह गए तो हर साल अच्छी कमाई कर लेंगे. आपको ज्यादा खर्च भी नहीं होगा और बत्तख पालन को आसानी से किया जा सकता है.

एक अंडा बिकता है 12 रुपए में
रमाकांत का कहना है कि इस क्षेत्र में आप पांव पसार रहे हैं तो सही नस्ल का चयन, सही खाना का रूटीन और सही देखभाल से बेहतर व्यापार खड़ा कर सकते हैं. हम अभी एक हजार बत्तख रखे हुए हैं और अंडे का उत्पादन भी शुरू हो गया है. एक अंडा का होलसेल रेट 11 से 12 रुपए है वहीं खुदरा मूल्य और अधिक मिलता है. खाना पीना में 1000 बत्तख का खर्च करीब ₹2000 होता है. वहीं, थोड़ी सी जगह की व्यवस्था को व्यवस्थित कर लेते हैं तो काफी फायदा हो सकता है. क्योंकि यह व्यवसाय बहुत ही कम मेहनत में बेहतर मुनाफा दिला सकता है.



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