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Patna Junction vegetarian thali: पटना में अगर आप भी रोजाना बाहर का खाना खाते हैं और ऐसी जगह तलाश रहे हैं, जहां कम कीमत में घर जैसा सादा भोजन मिले, तो पटना जंक्शन के पास स्थित गोपी कृष्णा लिट्टी भंडार आपके लिए एक ऑप्शन हो सकता है. यहां महज ₹70 में वेज थाली मिलती है, जिसमें दाल, चावल, सब्जी, चोखा, चटनी, सलाद और पापड़ शामिल हैं. खास बात यह है कि यहां दाल-सब्जी सहित बाकी सामान दोबारा लेने के लिए भी कोई रोक-टोक नहीं है. वहीं, चिकन-चावल और मछली-चावल पसंद करने वालों के लिए भी कई विकल्प मौजूद हैं.
पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट के अंडरग्राउंड रास्ते के इलाके में स्थित गोपी कृष्णा लिट्टी भंडार की पहचान सिर्फ इसकी थाली तक सीमित नहीं है. दुकानदार भोला कुमार ने बताया कि उनके पिता 1981 से इस दुकान को चला रहे हैं. अब वह भी अपने पिता के साथ काम में हाथ बंटाते हैं. करीब 45 वर्षों से यहां लोगों को खाना परोसा जा रहा है. प्रतिदिन करीब 200 से 250 लोग भोजन करने पहुंचते हैं.
यहां की वेज थाली उन लोगों को आकर्षित करती है, जो कम बजट में भरपेट सादा खाना खाना चाहते हैं. ₹70 की थाली में दाल, चावल, सब्जी, चोखा, चटनी, नींबू , सलाद, भुजिया और पापड़ मिलता है. दुकानदार की मानें तो सारा आइटम आप अनलिमिटेड मांग सकते हैं. यानी यहां खाने के शौकीनों को सिर्फ थाली की कीमत ही नहीं, बल्कि भरपेट भोजन का विकल्प भी मिलता है.
गोपी कृष्णा लिट्टी भंडार में वेज थाली के साथ नॉनवेज भोजन भी उपलब्ध है. दुकानदार ने बताया कि यहां चिकन-चावल एक पीस के साथ ₹90 और दो पीस के साथ ₹160 में मिलता है. वहीं, मछली-चावल की एक प्लेट ₹120 की है, जिसमें दो पीस मछली दी जाती है. मटन खाने वालों के लिए भी विकल्प मौजूद है. इसमें भी ग्रेवी अनलिमिटेड मिलता है.
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इस दुकान की खासियत बताते हुए यहां नियमित रूप से खाना खाने वाले ग्राहक विकास ने कहा कि उन्हें यहां का सादा भोजन सबसे ज्यादा पसंद है. यहां घर जैसा खाना मिलता है और स्वाद भी अच्छा रहता है. दूसरी जगहों से इसकी तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां कई जगह दाल पतली मिलती है, वहीं यहां चने की दाल मिलती है. चावल के दाने महीन होते हैं और खाने में अच्छे लगते हैं. एक दूसरे ग्राहक चंद्रभान ने बताया कि वह करीब चार-पांच वर्षों से यहां भोजन कर रहे हैं.
दुकानदार भोला की मानें तो यहां सुबह करीब 9:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक भोजन कराया जाता है. इसके बाद सफाई की जाती है और शाम करीब 4:30 बजे से लिट्टी-चोखा बेचना शुरू किया जाता है. दुकान पर लगभग छह से आठ लोग काम करते हैं, जो ग्राहकों को भोजन परोसने और अन्य कामों में लगे रहते हैं.