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diwali Shopping Fraud Alert : फेस्टिव सीजन में भारत में लोग जमकर खरीदारी करते हैं. अब ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ गया है तो ई-कॉमर्स साइट्स पर खूब सेल लगती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेल वाले एड की भरमार है. लेकिन, यह वक्त ठगों के लिए भी खास मौका लेकर आता है. इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त सावधान रहें.
किसी अनजान सेलर से तो खरीदारी से बचे ही.
नई दिल्ली. त्योहारी सीजन शुरू होते ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट, बंपर सेल और कैशबैक ऑफर्स की बाढ़ आ जाती है. मोटी छूट देखकर हर किसी का दिल शॉपिंग को करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारी छूट की यही जल्दबाजी साइबर ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन जाती है? एक गलत क्लिक, फर्जी पेमेंट लिंक या अनजान सेलर आपके बैंक खाते को पल भर में खाली कर सकता है. आप यूपीआई (UPI) से पेमेंट कर रहे हों या क्रेडिट-डेबिट कार्ड से, पैसे ट्रांसफर करने से पहले 5 जरूरी बातों का ध्यान तो आपको हर हाल में रखना चहिए.
किसी भी वेबसाइट पर कार्ड डिटेल्स या यूपीआई पिन डालने से पहले यह तय करें कि आप असली और आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद हैं. होता यह है कि साइबर ठग नामी ब्रांड्स की क्लोन वेबसाइट तैयार करते हैं. इनमें स्पेलिंग का मामूली हेर-फेर होता है जैसे amazon की जगह amzon या flipkart की जगह flipkrt. सोशल मीडिया पर विज्ञापनों या वॉट्सऐप पर भारी छूट वाले लिंक्स पर तो क्लिक बिल्कुल न करें. अगर कर भी लें तो पेमेंट तो यहां भुलकर भी न करें.
अनजान सेलर से रहें सावधान
किसी अनजान सेलर से तो खरीदारी से बचे ही. अगर आपको कोई ऑफर ठीक लग रहा है तो तुरंत ऑर्डर देने के बजाय उसकी प्रोफाइल, कस्टमर रिव्यू, रिटर्न पॉलिसी और सपोर्ट डिटेल्स की जांच करें. अगर कोई सेलर आपसे शॉपिंग ऐप के बाहर आकर सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने, क्यूआर कोड स्कैन करने या किसी मैसेजिंग ऐप के जरिए डील फाइनल करने को कहे, तो समझ जाएं कि मामला संदिग्ध है.
पिन और अमाउंट जरूर देखें
ऑनलाइन पेमेंट को अप्रूव करते समय स्क्रीन पर दिखने वाली जानकारी को गौर से पढ़ें. पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती. अगर कोई कैशबैक देने के नाम पर पिन डालने को कहे, तो वह सीधा फ्रॉड है. कार्ड से खरीदारी करते समय ओटीपी स्क्रीन पर दिखने वाली मर्चेंट का नाम और कुल राशि को जरूर चेक करें. अनजान साइट्स पर अपना कार्ड कभी सेव न करे.
लिमिटेड टाइम डील के झांसे से बचें
फ्लैश सेल की उल्टी गिनती और ‘सिर्फ 5 मिनट बचे हैं’ जैसे अलर्ट अक्सर ग्राहकों में हड़बड़ी पैदा करने के लिए लगाए जाते हैं. इसी घबराहट का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट्स सस्ते गैजेट्स का झांसा देकर पैसे ऐंठ लेती हैं. किसी भी डील को फाइनल करने से पहले उसी प्रोडक्ट की कीमत दो-तीन अन्य भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स पर क्रॉस-चेक करें. फाइनल पेमेंट पेज पर जाकर डिलीवरी चार्ज, पैकेजिंग फीस और टैक्स मिलाकर अंतिम बिल जरूर देखें. अगर कोई ऑफर डिस्काउंट या लॉटरी क्लेम करने के नाम पर पहले प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहे, तो समझ जाएं कि यह जाल है.
किसी को न बताएं पिन और ओटीपी
आपका ओटीपी, यूपीआई पिन और नेट बैंकिंग पासवर्ड किसी को न बताएं. कोई भी बैंक, ई-कॉमर्स कंपनी या कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव कभी भी फोन, मैसेज या ईमेल पर यह जानकारी नहीं मांगता. अक्सर ठग पेमेंट फेल हो गया है या रिफंड प्रोसेस करना है आदि बहाने बनाकर कॉल करते हैं और ओटीपी पूछते हैं. किसी भी मदद के लिए हमेशा ऐप के अंदर दिए गए आधिकारिक सपोर्ट सेक्शन का ही रुख करें.