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TI Dilip Puri Murder Case: देवास के खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. डीजी उपेन्द्र जैन द्वारा जारी वीडियो में राहुल ने गुजरात तक फैले अवैध शराब तस्करी नेटवर्क में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी की बात कबूली है. कई नाम भी खोल दिए हैं. पुलिस अब उनके पीछे है.
Harda News: देवास के खातेगांव थाना प्रभारी (टीआई) दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 1 नवंबर की देर रात अवैध शराब तस्करों ने उन्हें ट्रक से कुचल दिया था. इलाज के दौरान टीआई दिलीप पुरी का निधन हो गया. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
खुद को बताया 30 परसेंट का मालिक
मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल हरदा जिले के टिमरनी का निवासी है. वह वर्तमान में कांग्रेस से खातेगांव विधानसभा का प्रभारी है. राहुल साल 2018 से 2024 तक हरदा जिला युवक कांग्रेस का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है. डीजी उपेन्द्र जैन ने राहुल जायसवाल से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में आरोपी खुद स्वीकार कर रहा है कि अवैध शराब के कारोबार में उसकी 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी है.
इनके नाम भी आए सामने
पुलिस जाचं में सामने आया था कि अवैध शराब टिमरनी (जिला हरदा) से गुजरात ले जाई जा रही थी. यह शराब ठेका बड़वानी जिले के रहने वाले पातेंद्र जायसवाल के नाम पर है. हालांकि, इस ठेके में पातेंद्र जायसवाल की हिस्सेदारी मात्र 10 प्रतिशत है. राहुल के अनुसार, बाकी हिस्सेदारी में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहीन जायसवाल की बराबर 30-30 प्रतिशत की भागीदारी है.
हरदा से गुजरात तक नेटवर्क
राहुल ने बताया, इन साझेदारों में से मनीष जायसवाल इंदौर में रहता है, मोहीन जायसवाल गुजरात में रहता है और पातेंद्र जायसवाल बड़वानी में रहता है. आगे बताया कि वह हरदा में रहकर गुजरात तक अवैध शराब की तस्करी के नेटवर्क का संचालन करता था. राहुल के खिलाफ हरदा जिले में भादवि की विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.
विजय राव भी गिरफ्तार
अवैध शराब के धंधे की पूरी राशि इकट्ठा करके राहुल जायसवाल के पास जमा की जाती थी, जिसके बाद वह सभी को उनका हिस्सा बांटता था. पुलिस ने इंदौर निवासी विजय राव को भी हिरासत में लिया है, जिसने राहुल के लिए काम करना स्वीकार किया है. अवैध शराब नेटवर्क की जानकारी मिलने के बाद पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा अपने-अपने जिलों में टीमें बनाकर लगातार दबिश दी जा रही है. देवास पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस-दस हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है.
बता दें 1 नवंबर 2026 की देर रात पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी. टिमरनी (हरदा) से गुजरात के लिए आयशर वाहन (MP43 H 4786) में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही थी. सूचना मिलने पर कन्नौद के एएसपी ने चार टीमें गठित की थीं. नाकेबंदी के दौरान देवास के संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने गाड़ी खड़ी मिली.
खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरकर गाड़ी की तलाशी देने को कहा. इस पर चालक ने जान से मारने की नीयत से टीआई दिलीप पुरी पर गाड़ी चढ़ा दी. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद पुलिस की टीमों ने दबिश देकर अवैध शराब से भरे वाहन को जब्त कर लिया.