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Gwalior Diwali Market: राजस्थान के भीलवाड़ा से आए कारीगर ग्वालियर में खजूर के पत्तों से हाथों से झाड़ू बना रहे हैं. दिवाली पर इनकी कमाई का बड़ा सहारा है, लेकिन इस बार ग्राहकों की कमी से बिक्री प्रभावित हो रही है. इनकी झाड़ू 20 से 100 रुपये तक बिक रही है और मेहनत का सही दाम नहीं मिल पा रहा है.
खुशी बैशांडर(ग्वालियर),
Gwalior Diwali Market: दिवाली आते ही घरों की सफाई के लिए झाड़ू की मांग बढ़ जाती है. इसी मौके पर राजस्थान के भीलवाड़ा से आए कारीगर ग्वालियर में खजूर के पत्तों से हाथों से झाड़ू तैयार कर रहे हैं. इन परिवारों के लिए दिवाली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि सालभर की कमाई का एक बड़ा सहारा भी है.
ग्वालियर में एयरपोर्ट के सामने गोले का मंदिर के पास सड़क किनारे इन कारीगरों ने अपना अस्थायी ठिकाना बनाया है. यहां परिवार के सभी सदस्य मिलकर काम करते हैं. वे खजूर के पत्तों को छांटते हैं, उन्हें पतला करते हैं और बड़ी मेहनत से झाड़ू तैयार करते हैं. एक झाड़ू बनाने में करीब 20 से 30 मिनट का समय लगता है.
कितनी है कीमत
कारीगरों के मुताबिक खजूर की झाड़ू 20 से 100 रुपये तक में बेची जा रही है. वहीं फूल वाली झाड़ू की कीमत 30 से 50 रुपये तक है. हालांकि, दिवाली नजदीक आने के बावजूद इस बार ग्राहकों की कमी से उनकी बिक्री प्रभावित हो रही है.
मेहनत की नहीं मिलती कद्र
कारीगरों का कहना है कि लोग झाड़ू की कीमत तो देखते हैं, लेकिन उसे बनाने में लगने वाली मेहनत को नहीं समझते हैं. कई बार घंटों की मेहनत के बाद भी उन्हें सही दाम नहीं मिल पाता है. ऐसे में पूरे परिवार की मेहनत के बावजूद कमाई उम्मीद से कम रह जाती है.
हर साल लौटते हैं ग्वालियर
दिवाली के बाद ये परिवार वापस राजस्थान लौट जाते हैं. अगले साल फिर इसी मौसम में वे ग्वालियर आते हैं और अपना हुनर दिखाते हैं. यह सिलसिला कई सालों से इसी तरह चला आ रहा है.
सही कीमत मिले तो पूरी हो दिवाली की रौनक
इन कारीगरों के लिए दिवाली की रौनक तभी पूरी होगी, जब उनकी मेहनत को सही कीमत मिलेगी. अगर आप भी इस दिवाली घर की सफाई के लिए झाड़ू खरीदने जा रहे हैं, तो इन हाथों से बनी झाड़ू खरीदकर इन परिवारों की दिवाली को रोशन कर सकते हैं.