Last Updated:
IDBI Bank Strike: आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी 2 और 3 नंवबर को हड़ताल पर रहेंगे. कर्मचारी यूनियन का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में बैंक की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. संगठन के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में बैंक ने 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज किया है.
कर्मचारी बैंक के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं. (Photo : Reuters)
नई दिल्ली. यदि आपका खाता आईडीबीआई (IDBI) बैंक में है तो यह खबर आपके काम की है. आईडीबीआई बैंक के 10,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कल यानी 2 नवंबर और परसों 3 नवंबर को देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं. बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. 48 घंटे की हड़ताल से देशभर में बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज, चेक क्लियरेंस और काउंटर सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है.
कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से निजीकरण प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की है. यूनियन का कहना है कि आईडीबीआई बैंक आज जिस मुकाम पर है, वह किसी निजी निवेश की वजह से नहीं है. बैंक का टर्नअराउंड केंद्र सरकार, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और बैंक कर्मचारियों की दिन-रात की कड़ी मेहनत और साझा प्रयासों का नतीजा है. संगठन का कहना है कि जब बैंक गहरे वित्तीय संकट में था, तब कर्मचारियों ने ग्राहकों का भरोसा बनाए रखा और बैंकिंग परिचालन को सुचारू रखकर संस्थान को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा किया. इसके साथ ही सरकार और एलआईसी ने बैंक के पुनर्गठन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की.
46,000 करोड़ की मदद से उबरा बैंक, 6 साल में कमाया 30,100 करोड़ का मुनाफा
आईडीबीआई बैंक को वर्ष 2016 से 2020 के बीच भारतीय रिजर्व बैंक की एसेट क्वालिटी रिव्यू प्रक्रिया के बाद बड़ी मात्रा में फंसे कर्ज (NPA) की पहचान होने से भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था. कर्मचारी संगठन के अनुसार, इस अवधि में बैंक को उबारने के लिए सरकार और एलआईसी ने 46,000 करोड़ रुपए से अधिक की पूंजी सहायता उपलब्ध कराई थी.
यूनियन का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में बैंक की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. संगठन के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में बैंक ने 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का संचयी शुद्ध लाभ दर्ज किया है. इसी दौरान सकल एनपीए अनुपात 2018 के 31.78 प्रतिशत से घटकर 2.30 प्रतिशत पर आ गया है.