हैदराबाद में एग डोनेशन के नाम पर चल रहा था बड़ा खेल, 43 महिलाएं हुईं रेस्क्यू, 8 आरोपी गिरफ्तार

हैदराबाद में एग डोनेशन के नाम पर चल रहा था बड़ा खेल, 43 महिलाएं हुईं रेस्क्यू, 8 आरोपी गिरफ्तार


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हैदराबाद में एग डोनेशन के नाम पर कथित इंटरस्टेट रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है. अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 43 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया, जबकि 8 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. जांच में महिलाओं को 20 से 30 हजार रुपये प्रति एग डोनेशन साइकल देने के कथित लालच, हार्मोनल इंजेक्शन, फर्जी डॉक्यूमेंट्स और आईवीएफ सेंटरों व एआरटी बैंकों से संभावित कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है. पुलिस ने तीन केस दर्ज किए हैं.

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हैदराबाद में एग डोनेशन रैकेट के मामले में पुलिस ने 43 महिलाओं को रेस्क्यू करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. (AI Image)

हैदराबाद क्राइम न्‍यूज: हैदराबाद पुलिस ने एग डोनेशन के नाम पर चलाए जा रहे एक इंटरस्टेट रैकेट का खुलासा किया है. पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 43 महिलाओं को रेस्क्यू किया है और 8 लोगों को हिरासत में लिया है. शुरुआती जांच में महिलाओं को पैसों का लालच देकर दूसरे राज्यों से हैदराबाद लाने, उन्हें हार्मोनल इंजेक्शन और दवाएं देने और आईवीएफ सेंटरों व एआरटी बैंकों से कनेक्शन की बात सामने आई है. पुलिस को शक है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए महिलाओं का कमर्शियल एक्सप्लॉइटेशन किया जा रहा था. हालांकि, महिलाओं को जबरन इस प्रक्रिया में शामिल किया गया था या उनके साथ किस हद तक धोखाधड़ी हुई, इसकी जांच अभी जारी है.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों की महिलाओं को एग डोनेशन के हर साइकल के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपये देने का ऑफर दिया जाता था. एजेंट अलग-अलग राज्यों से महिलाओं को भर्ती करते थे. इसके बाद उनके हैदराबाद आने-जाने का इंतजाम किया जाता था और उन्हें किराए के मकानों में ठहराया जाता था. आरोप है कि इसके बाद महिलाओं को फर्टिलिटी से जुड़ी सर्विस देने वालों के संपर्क में लाया जाता था. कुछ महिलाओं ने जांचकर्ताओं को बताया कि प्रक्रिया की तैयारी के लिए उन्हें हार्मोनल इंजेक्शन और दवाएं दी गई थीं.

पांच जगहों पर पुलिस की छापेमारी
यह ऑपरेशन बेगमपेट और सरूरनगर पुलिस ने मल्काजगिरी कमिश्नरेट की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) के साथ मिलकर चलाया गया. पुलिस ने प्रकाश नगर, बेगमपेट, एर्रागड्डा, सरूरनगर और गोपालपुरम में छापेमारी की. ये इलाके मल्काजगिरी और हैदराबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आते हैं. छापेमारी के दौरान पुलिस ने ह्यूमॉग एचपी 150 आईयू इंजेक्शन की पांच वायल, एक सिरिंज, दो नीडल, प्रिमोलट और मेप्रेट टैबलेट बरामद की हैं. इसके अलावा डॉक्यूमेंट्स, मोबाइल फोन और दूसरी सामग्री भी जब्त की गई है.
पुलिस को शक है कि कुछ मेडिकल प्रॉसेस मेडिकल सुपरविजन के बिना कराई गई होंगी. बायोमेडिकल वेस्ट को ठिकाने लगाने के लिए तय नियमों के उल्लंघन की आशंका की भी जांच की जा रही है.

कौन हैं गिरफ्तार किए गए आरोपी?
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में अमित शर्मा (44), निक्कत परवीन (31), रेशमा खातून (26), मेघावत श्रीनिवास उर्फ सोनू (23), जेप्रे प्रदीप (27), एसके परवीन (42), विजय भगवान राव सालुंके (46), पंकज सोनी (52) और एमिरिशेट्टी दुर्गा प्रसाद (42) का नाम शामिल है. आरोपी अमित शर्मा (44) को इस नेटवर्क का मास्‍टरमाइंड बताया गया है. निक्कत परवीन (31) पर महिलाओं की भर्ती में अहम भूमिका निभाने का आरोप है. रेशमा खातून (26), मेघावत श्रीनिवास उर्फ सोनू (23) और जेप्रे प्रदीप (27) पर मेडिकल इंतजामों में मदद करने का आरोप है. एसके परवीन (42) की भूमिका की जांच की जा रही है. पंकज सोनी (52) पर नेटवर्क में कोऑर्डिनेशन और बिचौलिए की भूमिका निभाने का आरोप है.

आधार कार्ड से लेकर कंसेंट फॉर्म तक की जांच
पुलिस को शक है कि अमित शर्मा करीब दो साल से बेगमपेट के प्रकाश नगर में किराए के एक परिसर से काम कर रहा था. इसके लिए हर महीने 50 हजार रुपये किराया दिया जाता था. निक्कत परवीन एजेंटों के जरिए खासतौर पर पश्चिम बंगाल से महिलाओं का इंतजाम करती थी और उन्‍हें आने-जाने व रहने की व्यवस्था में मदद करती थी. अब पुलिस आधार कार्ड, एफिडेविट, कंसेंट फॉर्म और मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़े फर्जीवाड़े की भी जांच कर रही है. इसके अलावा महिलाएं कितनी बार एग डोनेशन कर रही थीं, पैसे का लेन-देन कैसे होता था और एजेंटों को कितना कमीशन मिलता था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है.



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