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IAS CK Anil: एक तरफ राजस्थान में IAS-IPS पति-पत्नी की जोड़ी 40 विला-कॉटेज की खरीद और लीज के आरोप हैं. तो दूसरी तरफ बिहार में एक IAS अधिकारी सरकारी पैसे की हेराफेरी करने वालों पर सख्ती दिखा रहे हैं. पूर्वी चंपारण के शिक्षा विभाग में 60 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. अब तीन अन्य कर्मचारियों शक के घेरे में हैं.
मोतिहारी गबन केस में IAS सीके अनिल का एक्शन.
पटनाः देश की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों दो अलग-अलग तस्वीरें चर्चा में हैं. राजस्थान में IAS-IPS पति-पत्नी की जोड़ी 40 विला-कॉटेज की खरीद और लीज से जुड़े मामले में जांच के घेरे में है. IAS शिखर अग्रवाल के बाद उनकी पत्नी और IPS अधिकारी डॉ. प्रशाखा माथुर पर गंभीर आरोप हैं. वहीं, दूसरी तरफ बिहार में एक IAS अधिकारी सीके अनिल भ्रष्टाचारियों के पीछे डंडा लेकर पड़े हैं. पूर्वी चंपारण के शिक्षा विभाग में 60 लाख रुपये के गबन के मामले में दो कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. अब तीन अन्य अधिकारी सीके अनिल के रडार पर हैं.
राजस्थान में 40 विला-कॉटेज का मामला, IAS-IPS पति-पत्नी APO
राजस्थान में 40 विला-कॉटेज की खरीद और लीज से जुड़ा मामला लगातार चर्चा में है. मामले में IAS शिखर अग्रवाल को पहले ही APO किया जा चुका है. अब उनकी पत्नी और 1995 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी डॉ. प्रशाखा माथुर को भी APO कर दिया गया है. माने फिलहाल उन्हें अफसर पद से हटा दिया गया है और अगली पोस्टिंग नहीं दी गई है. कार्मिक विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कर रहा है. जांच का दायरा 40 विला-कॉटेज की खरीद और लीज से जुड़े पहलुओं तक है.
बिहार में 60 लाख के गबन पर CK अनिल का एक्शन
दूसरी ओर, बिहार के पूर्वी चंपारण में शिक्षा विभाग के 60 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने सख्त रुख अपनाया है. मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है. वहीं, तीन अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है. सीके अनिल ने मोतिहारी के जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें गबन की गई 60 लाख रुपये की राशि को दो से तीन दिनों के भीतर वापस वसूलने का अल्टीमेटम दिया गया. साथ ही इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई के संकेत भी दिए गए.
फाइलें खंगाल रहे अफसर
मामले की जांच के लिए मुजफ्फरपुर के आरडीडी अधिकारी भी मोतिहारी पहुंचे. उन्होंने घंटों तक गबन से जुड़ी फाइलों और विभागीय रिकॉर्ड की जांच की. विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि सरकारी राशि की हेराफेरी में किन लोगों की भूमिका रही है. दो कर्मचारियों के निलंबन के बाद तीन अन्य कर्मचारियों पर भी जांच की नजर है. इसके अलावा, अगर जांच में दूसरे अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.
कौन हैं IAS सीके अनिल?
चंद्रकांत कुमार अनिल बिहार कैडर के 1991 बैच के IAS अधिकारी हैं. उन्होंने सैनिक स्कूल, तिलैया से पढ़ाई की है. उनके पास पर्सनल मैनेजमेंट में एमए की डिग्री है. अपने प्रशासनिक करियर में वे जिला कलेक्टर, सचिव और सलाहकार जैसे कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. हाल ही में वे बिहार स्टेट प्लानिंग बोर्ड में सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे. अब उन्हें शिक्षा विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई हैं. वे अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे. उनकी पत्नी शोभा अहोतकर भी IPS अधिकारी रह चुकी हैं.