Cyclone Murasu Alert: काल बनकर आ रहा नया तूफान ‘मुरसु’, अर्नब से ज्यादा खतरनाक, ओडिशा में खाली होंगे घर


होमताजा खबरदेश

अर्नब से भी खतरनाक होगा तूफान ‘मुरसु’? ओडिशा में खाली कराए जाएंगे घर

Last Updated:

Cyclone Murasu Alert: बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ दस्तक देने की तैयारी में है. अर्नब के बाद बन रहा यह सिस्टम रविवार 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और सोमवार शाम आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है. ओडिशा सरकार ने भी खतरे को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है. मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि भूस्खलन की आशंका के चलते पहाड़ियों की तलहटी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा. ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है. तमिलनाडु और केरल में भी बारिश की संभावना है.

ख़बरें फटाफट

Top Deals Inside

अर्नब से भी खतरनाक होगा तूफान 'मुरसु'? ओडिशा में खाली कराए जाएंगे घरZoom

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरसु बनने की आशंका है. (फोटो AP)

Cyclone Murasu Latest Update: चक्रवाती तूफान अर्नब का कहर अभी लोगों के जेहन से उतरा भी नहीं है कि बंगाल की खाड़ी में एक और तूफानी सिस्टम तेजी से ताकत पकड़ रहा है. इस नए तूफान का नाम ‘मुरसु’ रखा जाएगा. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह सिस्टम रविवार यानी 1 नवंबर तक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके बाद सोमवार 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की आशंका है. इस तूफान को लेकर ओडिशा सरकार भी अलर्ट हो गई है. राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि सरकार ने इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा देखते हुए तलहटी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाएगा.

अर्नब के बाद बन रहा यह नया सिस्टम पूर्वी तट के लिए एक और चुनौती बन सकता है. खासकर दक्षिणी ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार के आसपास बना अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके पहले डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है. हालांकि इसकी वास्तविक ताकत और रास्ता आगे के मौसम अपडेट पर निर्भर करेगा. फिलहाल ओडिशा प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और जरूरत पड़ने पर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

ओडिशा में तलहटी के गांवों से लोगों को निकालने की तैयारी

  • ओडिशा सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार आने वाले चक्रवात से निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक तूफान आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ सकता है और दक्षिणी ओडिशा को प्रभावित कर सकता है.
  • मंत्री ने कहा, ‘हमें आशंका है कि आने वाला चक्रवात कई जगहों पर भूस्खलन का कारण बन सकता है. इसलिए कल से पहाड़ियों की तलहटी में रहने वाले लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. कमजोर और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है. जब तक वे बाहर रहेंगे तब तक उनके घरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होगी.’
आंध्र प्रदेश और यानम के तट से 28 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब गुजरा था. (AP)

2 नवंबर की शाम आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है मुरसु

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत होकर अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है. सिस्टम पहले डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके 2 नवंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है. इसकी सटीक दिशा और तीव्रता पर अभी नजर रखी जा रही है.

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

IMD ने रविवार 1 नवंबर को ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. यानम में भी तेज बारिश हो सकती है. बंगाल की खाड़ी में सिस्टम के मजबूत होने के साथ पूर्वी तट पर बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. ओडिशा में इसके अगले दिनों में और प्रभावी होने की आशंका है. ऐसे में तटीय और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत है.

तमिलनाडु और केरल तक दिखेगा तूफानी सिस्टम का असर

मुरसु का असर दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों में भी दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अगले सप्ताह के शुरुआती दिनों में भारी बारिश हो सकती है. केरल और माहे में भी तेज बारिश का अनुमान है. मध्य और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में मौसम अचानक बदलने की आशंका है.

अर्नब के बाद दूसरी मौसम प्रणाली ने बढ़ाई चिंता

आंध्र प्रदेश और यानम के तट से 28 अक्टूबर को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब गुजरा था. इसके कारण तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई. बाद में यह कमजोर होकर मध्य भारत के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया. अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद अब दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित हुआ है. मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अलग-अलग मौसम प्रणालियां हैं. फिलहाल मुरसु की तीव्रता को अर्नब से ज्यादा बताने वाला कोई तुलनात्मक आधिकारिक पूर्वानुमान उपलब्ध नहीं है. इसलिए इसके अगले अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा.

उत्तर भारत में फिलहाल मौसम रहेगा शुष्क

जहां पूर्वी और दक्षिणी भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में 1 नवंबर को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है. यानी फिलहाल तूफानी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में रहने की उम्मीद है.



Source link