तारीख 1 और कहानी 13 राज्यों की… भारत के इतिहास में क्‍यों इतना खास है 1 नवंबर का द‍िन?

तारीख 1 और कहानी 13 राज्यों की… भारत के इतिहास में क्‍यों इतना खास है 1 नवंबर का द‍िन?


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1 नवंबर, भले ही दुनिया के ल‍िए नए महीने की पहली तारीख हो, लेकिन भारत के इतिहास में ये तारीख बेहद खास है. इस एक तारीख से भारत के इतिहास में 13 राज्‍यों से जुड़ी कहानियां ल‍िखी गई हैं. इसी दिन देश के 8 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेश अपना स्थापना दिवस मनाते हैं. किसी का गठन भाषा के आधार पर हुआ, तो किसी को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला. जानिए कैसे एक ही तारीख इन 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के इतिहास से जुड़ गई.

मध्य प्रदेश: 1 नवंबर 1956 को मिला नया स्वरूप – देश के बीचोंबीच बसे मध्य प्रदेश का पुनर्गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था. इसी दिन को राज्य में मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर रंग-बिरंगी परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक प्रस्तुतियां होती हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाता है. (फोटो साभार – रायटर्स)

छत्तीसगढ़: साल 2000 में बना देश का 26वां राज्य – छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को हुआ था. यह भारत का 26वां राज्य बना. करीब 1,35,192 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला छत्तीसगढ़ देश का नौवां सबसे बड़ा राज्य है. यहां की आबादी करीब 2.55 करोड़ बताई गई है. छत्तीसगढ़ को आमतौर पर ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है. हालांकि, पारंपरिक रूप से यह नाम कृष्णा और गोदावरी नदियों के डेल्टा क्षेत्र के लिए इस्तेमाल होता रहा है. (फोटो साभार – रायटर्स)

हरियाणा: पंजाब से अलग होकर बना नया राज्य – हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था. भाषाई आधार पर पंजाब का पुनर्गठन किया गया और पंजाबी भाषी इलाकों से अलग हरियाणा राज्य बनाया गया. खेती और खेल के क्षेत्र में हरियाणा की खास पहचान है. राज्य में इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम और सार्वजनिक आयोजन किए जाते हैं. (फोटो साभार – रायटर्स)

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पंजाब: 1 नवंबर 1966 को हुआ पुनर्गठन – पंजाब का भी 1 नवंबर 1966 को पुनर्गठन हुआ था. इसका मकसद पंजाबी भाषी लोगों के लिए अलग राज्य बनाना था. पंजाब अपनी जीवंत संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए जाना जाता है. स्थापना दिवस पर राज्य की उपलब्धियों और सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा जाता है. (फोटो साभार – रायटर्स)

आंध्र प्रदेश: भाषा के आधार पर बना था पहला राज्य – आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर गठित होने वाला भारत का पहला राज्य था. यह 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया. उस समय राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत हैदराबाद राज्य का विभाजन किया गया और आंध्र प्रदेश का गठन हुआ. (फोटो साभार – रायटर्स)

कर्नाटक: पहले मैसूर के नाम से जाना जाता था – आज टेक्नोलॉजी और अपनी समृद्ध संस्कृति के लिए मशहूर कर्नाटक पहले मैसूर के नाम से जाना जाता था. 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर इसका पुनर्गठन किया गया. इसी दिन को कर्नाटक में राज्योत्सव के रूप में मनाया जाता है. (फोटो साभार – रायटर्स)

तमिलनाडु: पहले मद्रास के नाम से था राज्य – तमिलनाडु का इतिहास भी 1 नवंबर 1956 से जुड़ा है. उस समय राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी का भाषाई आधार पर विभाजन किया गया था. हालांकि, राज्य का नाम मद्रास से बदलकर तमिलनाडु साल 1969 में किया गया. (फोटो साभार – रायटर्स)

दिल्ली: पार्ट-सी राज्य से बना केंद्र शासित प्रदेश- दिल्ली को 1 नवंबर 1956 को एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था. राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत उस समय दिल्ली का दर्जा बदलकर ‘पार्ट-सी’ राज्य से केंद्र शासित प्रदेश कर दिया गया था. इसी वजह से दिल्ली भी 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाती है. (फोटो साभार – रायटर्स)

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी – चंडीगढ़ की आधारशिला 1952 में रखी गई थी. लेकिन 1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के बाद इसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया. चंडीगढ़ को पंजाब और हरियाणा दोनों की राजधानी बनाया गया. केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यह सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में आता है. (फोटो साभार – रायटर्स)

अंडमान और निकोबार: 1956 में बना केंद्र शासित प्रदेश – अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भी 1 नवंबर 1956 को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था. राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत इसे पहले के ‘पार्ट-सी’ राज्य के दर्जे से बदलकर केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया. (फोटो साभार – रायटर्स)

केरल: तीन क्षेत्रों को मिलाकर बना राज्य – दक्षिण भारत के केरल का गठन भी 1 नवंबर 1956 को हुआ था. इसके लिए मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर क्षेत्रों को मिलाया गया था. केरल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साक्षरता के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए जाना जाता है. यहां स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है.

लक्षद्वीप: 1973 में मिला मौजूदा नाम – लक्षद्वीप को 1 नवंबर 1956 को भारत का अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था. हालांकि, उस समय इसका नाम लक्षद्वीप नहीं था. 1 नवंबर 1973 को इस द्वीप समूह का आधिकारिक नाम बदलकर लक्षद्वीप रखा गया.

पुडुचेरी: 280 साल के फ्रांसीसी शासन का अंत – पुडुचेरी का इतिहास बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से थोड़ा अलग है. भारत को 1947 में आजादी मिल गई थी, लेकिन फ्रांसीसी शासन वाले कुछ इलाके 1954 तक उनके नियंत्रण में रहे. 1 नवंबर 1954 को फ्रांस के कब्जे वाले इन क्षेत्रों का प्रशासनिक नियंत्रण व्यावहारिक रूप से भारत को सौंप दिया गया. इसके साथ ही भारत में करीब 280 साल के फ्रांसीसी शासन का अंत हुआ. बाद में पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश बना.

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