पुतिन के यार लुकाशेंको को ट्रंप ने समझा अपनी मुट्ठी में, उल्टा लग गया झटका
Last Updated:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेलारूस से सस्ता पोटाश खरीदने की बड़ी डील करना चाहते हैं. बेलारूस रूस का करीबी सहयोगी है. दूसरी तरफ रूस से तेल खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिका ने अपने कानून में रखा है. इसी विरोधाभास पर सवाल उठ रहे हैं. इतना ही नहीं, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा है कि उनके पास अमेरिका को देने के लिए अतिरिक्त पोटाश उपलब्ध नहीं है.
बेलारूस ने पोटाश डील से किया इनकार.
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ की तलवार लटका रहा है. भारत और चीन जैसे बड़े खरीदार इसकी जद में आ सकते हैं. लेकिन इसी बीच ट्रंप ने रूस के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाने वाले बेलारूस से पोटाश खरीदने की बड़ी डील का ऐलान कर दिया. यानी रूस से कारोबार पर सख्ती का संदेश देने वाले अमेरिका की नजर अब उसी खेमे के एक अहम देश से सस्ते खाद पर है. यही विरोधाभास अब अमेरिकी नीति पर सवाल खड़े कर रहा है.
बेलारूस से पोटाश की डील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बेलारूस से बड़े पैमाने पर पोटाश खरीदने के लिए डील पर काम कर रहा है. उनका दावा है कि बेलारूस से मिलने वाला पोटाश कनाडा के मुकाबले काफी सस्ता पड़ेगा और इससे अमेरिकी किसानों को फायदा होगा. पोटाश खाद बनाने में इस्तेमाल होने वाला बेहद जरूरी कच्चा माल है. अमेरिका अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसमें कनाडा की हिस्सेदारी करीब 79% है. रूस और बेलारूस भी पोटाश के बड़े उत्पादक हैं. यहीं से कहानी दिलचस्प हो जाती है.
‘रूस के दोस्त’ से कारोबार पर उठे सवाल
अमेरिकी विदेश नीति के पूर्व अधिकारी इवान ए. फाइगेनबॉम ने इसी विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रूस से आर्थिक संबंध रखने वाले देशों को भारी टैरिफ की धमकी दी जा रही है, तो रूस के बेहद करीबी सहयोगी बेलारूस से अमेरिका का कारोबार किस नजर से देखा जाना चाहिए. फाइगेनबॉम ने यह भी तर्क दिया कि ऐसी नीतियां अमेरिका को एक समान नियमों वाला व्यापारिक साझेदार दिखाने के बजाय दोहरे मानदंडों के आरोपों के घेरे में ला सकती हैं. यह सवाल भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि ट्रंप ने हाल ही में उस कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जो रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. हालांकि कानून अपने आप भारत पर 100% टैरिफ नहीं लगाता.
ट्रंप की डील पर लुकाशेंको ने ही लगा दिया ब्रेक?
अब इस कहानी में एक और ट्विस्ट आ गया है. बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने कहा है कि उनके देश के पास अमेरिका को भेजने के लिए पोटाश की अतिरिक्त बड़ी मात्रा उपलब्ध ही नहीं है. उनके मुताबिक, अगर बेलारूस पश्चिमी बाजारों में और खाद भेजना भी चाहे तो फिलहाल अतिरिक्त मात्रा मौजूद नहीं है, क्योंकि उपलब्ध उत्पादन पहले ही कॉन्ट्रैक्ट में है. यानी ट्रंप अमेरिका में डील की बात कर रहे हैं, लेकिन लुकाशेंको का कहना है कि देने के लिए माल ही सीमित है.
कनाडा ने क्या उठाया सवाल?
इसके अलावा बेलारूस समुद्र से घिरा देश नहीं है. उसके पोटाश को अमेरिका तक पहुंचाने के लिए बेहद मुश्किल परिवहन व्यवस्था की जरूरत होगी. कनाडा के सस्केचेवान प्रांत के मुख्यमंत्री स्कॉट मो ने भी सवाल उठाया है कि बेलारूस का पोटाश रूस के रास्ते भेजना वास्तव में कनाडाई पोटाश से सस्ता कैसे होगा?
क्या पुतिन के करीबी को नहीं जानते ट्रंप?
बेलारूस लंबे समय से रूस के साथ बेहद करीबी रणनीतिक रिश्ते रखता है. अलेक्जेंडर लुकाशेंको को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी सहयोगी माना जाता है और यूक्रेन युद्ध में बेलारूस ने मॉस्को का साथ दिया है. इसी वजह से बेलारूस पर पश्चिमी प्रतिबंध भी लगे हुए हैं. हालांकि ट्रंप प्रशासन ने हाल के महीनों में लुकाशेंको सरकार के साथ संपर्क बढ़ाया है. अमेरिकी दूत जॉन कोएल की बातचीत के बाद बेलारूस ने कुछ राजनीतिक कैदियों को रिहा किया और अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में राहत दी.