धान की मड़ाई की झंझट खत्म! 20 मजदूरों का काम अकेले करेगी यह मशीन, अनाज और भूसा भी होगा अलग

धान की मड़ाई की झंझट खत्म! 20 मजदूरों का काम अकेले करेगी यह मशीन, अनाज और भूसा भी होगा अलग


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20 मजदूरों का काम अकेले करेगी यह धान की मशीन, अनाज और भूसा भी होगा अलग

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Rohtas Agriculture News: रोहतास में धान की कटाई और मड़ाई के लिए दो लाख रुपये की पैडी थ्रेशर मशीन से किसानों का काम आसान होगा. इससे मजदूरों और समय की बचत होगी. सरकार इस पर सब्सिडी दे रही है. यह मशीन 20 मजदूरों का काम अकेले आसानी से कर सकती है. आइये जानते हैं इस मशीन के बारे में

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रोहतास: धान की कटाई और मड़ाई के लिए अब किसानों को 10 से 20 मजदूर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. करीब दो लाख रुपये की पैडी थ्रेशर मशीन किसानों का यह काम आसान कर सकती है. सबसे खास बात यह है कि एक तरफ से धान की फसल डालने पर दूसरी तरफ से मशीन अनाज, पराली और भूसी को अलग-अलग करके निकाल देती है. किसानों के लिए कृषि उपकरण तैयार करने वाले विशेषज्ञ दीपक सिंह बताते हैं कि इस मशीन को तैयार करने का मकसद किसानों की मजदूरी और समय की बचत करना है. आइये जानते हैं इसके बारे में.

पहले धान की मड़ाई में लगते थे 10 से 20 मजदूर

दीपक सिंह बताते हैं कि पहले धान की कटाई के बाद उसकी पिटाई कर अनाज और पुआल अलग किया जाता था. इसके बाद हवा की मदद से अनाज में मौजूद धूल और अन्य अशुद्धियों को हटाया जाता था. इस पूरी प्रक्रिया में कई चरणों पर 10 से 20 मजदूरों की जरूरत पड़ती थी. इससे किसानों की मजदूरी पर काफी खर्च होता था. वहीं, मौजूदा समय में कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की कमी भी किसानों की बड़ी परेशानी बन गई है.

इस मशीन से एक बार में साफ होकर निकलेगा धान

इसी समस्या को देखते हुए पैडी थ्रेशर मशीन तैयार की गई है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें लगे चार फिल्टर हैं. जो एक साथ धान की सफाई करते हैं और साफ अनाज मशीन से बाहर निकालते हैं. इससे किसानों को अलग-अलग चरणों में धान की सफाई नहीं करनी पड़ती है. एक तरफ से फसल डालने पर दूसरी तरफ से अनाज, पराली और भूसी अलग-अलग निकल जाती है.

पराली भी नहीं होगी बर्बाद

मशीन से निकलने वाली पराली भी अच्छी गुणवत्ता की होती है जिसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. किसान चाहें तो इसे बाजार में बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं. इतना ही नहीं, किसान इस मशीन से अपनी फसल की मड़ाई करने के अलावा दूसरे किसानों का काम करके भी आमदनी कर सकते हैं. यानी यह मशीन खेती में खर्च कम करने के साथ कमाई का एक नया जरिया भी बन सकती है.

सब्सिडी के बाद इतनी सस्ती होगी कीमत

अब इसकी कीमत की बात करें तो मशीन का वास्तविक मूल्य 2 लाख 40 हजार रुपये है. सरकारी अनुदान के बाद सामान्य और ओबीसी वर्ग के किसान इसे 1 लाख 60 हजार रुपये में, जबकि एससी-एसटी वर्ग के किसान 1 लाख 40 हजार रुपये में खरीद सकते हैं. शेष राशि सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी.

जानें किसान कैसे कर सकते हैं आवेदन

इस मशीन को खरीदने के इच्छुक किसान किसान पंजीकरण और खेत की रसीद जैसे जरूरी दस्तावेजों के साथ किसी साइबर कैफे, प्रखंड कार्यालय या संबंधित डीलर के पास जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के नियमानुसार अनुदान का लाभ मिलेगा.



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