कम जमीन में मिर्च की खेती से बेहतर कमाई, जालोर के किसान अपना रहे ड्रिप-मल्चिंग तकनीक, आसान हुआ फसल प्रबंधन

कम जमीन में मिर्च की खेती से बेहतर कमाई, जालोर के किसान अपना रहे ड्रिप-मल्चिंग तकनीक, आसान हुआ फसल प्रबंधन


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जालोर में मिर्च की खेती का बढ़ा चलन, फसल की देखभाल पर किसानों का खास फोकस

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Chili Farming Tips: जालोर में किसान कम जमीन में मिर्च की खेती कर बेहतर मुनाफा कमाने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपना रहे हैं. ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक से फसल प्रबंधन आसान हो रहा है. इन तरीकों से पानी का बेहतर इस्तेमाल करने और खेत में खरपतवार नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान मिर्च की खेती को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

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जालौर: जालोर जिले में किसान पारंपरिक फसलों के साथ अब ऐसी फसलों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिनसे बेहतर आमदनी की संभावना रहती है. मिर्च की खेती भी किसानों के लिए एक कमाई का जरिया बन रही है. जिले के डुंगरी, आरवा और बड़गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में किसान मिर्च की फसल तैयार कर रहे हैं. इस समय खेतों में फसल की बढ़वार के साथ किसान इसकी देखभाल पर विशेष ध्यान दे रहे हैं.

मिर्च की खेती में शुरुआती समय से ही खेत की तैयारी और पौधों की सही व्यवस्था का असर फसल पर दिखाई देता है. जालोर के किसान अब खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल भी बढ़ा रहे हैं. मेडबंदी (रिज प्लांटिंग)के साथ ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीकों को अपनाया जा रहा है. ड्रिप से पौधों तक जरूरत के हिसाब से पानी पहुंचाने में मदद मिलती है, जबकि मल्चिंग से मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवार को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है.

खेती से अच्छी पैदावार की उम्मीद
किसान हिम्मताराम जो जिले के डुंगरी क्षेत्र में मिर्ची की खेती कर रहे हैं, उन्होंने लोकल18 को जानकारी दी कि…मिर्च की फसल में शुरुआत से ही ध्यान रखना जरूरी है. हम सिंचाई के लिए ड्रिप का इस्तेमाल कर रहे हैं और खेत में मल्चिंग भी की है. इससे पानी की बचत होती है और फसल की देखभाल भी आसान रहती है. समय पर सिंचाई और फसल की निगरानी करते रहें तो मिर्च की खेती से अच्छी पैदावार की उम्मीद रहती है.

स्टिकी ट्रैप और वैज्ञानिक तरीके से कीट-रोग
मिर्च की फसल में मौसम के साथ कई तरह के कीट और रोगों का खतरा भी रहता है. थ्रिप्स, माइट्स, फल छेदक सुंडी और मोजेक वायरस जैसी समस्याएं फसल को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में किसान खेत में लगातार निगरानी रख रहे हैं. जरूरत के अनुसार स्टिकी ट्रैप और वैज्ञानिक तरीके से कीट-रोग प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

आना-जाना बनाए रखना भी फसल की सेहत के लिए जरूरी
मिर्च की खेती में पानी और खाद का संतुलित इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण माना जाता है. ड्रिप सिंचाई के जरिए पानी के साथ उर्वरक देने की तकनीक से भी किसान संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं खेत में पौधों के बीच उचित दूरी और हवा का आना-जाना बनाए रखना भी फसल की सेहत के लिए जरूरी है.

बड़गांव जैसे इलाकों में मिर्च की खेती
कम जमीन में खेती करने वाले किसानों के लिए मिर्च एक ऐसी फसल है, जिसमें सही प्रबंधन के साथ अच्छी पैदावार की संभावना रहती है. जालोर के डुंगरी, आरवा और बड़गांव जैसे इलाकों में मिर्च की खेती बढ़ रही है. किसान पारंपरिक खेती के साथ अब नई तकनीकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.



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