आयुष्मान कार्ड के नाम पर मरीजों को जबलपुर ले जाने की तैयारी, 4 संदिग्ध दलाल को लिया हिरासत में


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डिंडौरी जिले के शहपुरा में आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों को जबलपुर ले जाने वाले संदिग्ध गिरोह का मामला सामने आया है. प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चार कथित दलालों को हिरासत में लिया है. मौके से वाहन और मोबाइल भी जब्त किए गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क के जरिए आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा या क्लेम घोटाले को अंजाम दिया जा सकता था.

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आयुष्मान कार्ड के नाम पर मरीजों को जबलपुर ले जाने की तैयारी,

डिंडौरी जिले के शहपुरा क्षेत्र में प्रशासन ने मरीजों को आयुष्मान कार्ड के नाम पर दूसरे शहर ले जाने की तैयारी कर रहे संदिग्ध गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है. एसडीएम जमादार फरहान इरफान के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने दबिश देकर चार कथित दलालों को हिरासत में लिया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये लोग ग्रामीण इलाकों में मुनादी कर मरीजों को इकट्ठा कर रहे थे.

पिपरिया माल और आसपास के गांवों में लोगों को स्वास्थ्य उपचार और आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के नाम पर जुटाया जा रहा था. इसके लिए ग्रामीणों से समग्र आईडी, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज भी लिए जा रहे थे. इसके बाद इन मरीजों को जबलपुर ले जाने की तैयारी थी. सामने आई जानकारी के अनुसार, मरीजों को जबलपुर के सुख सागर अस्पताल ले जाने की बात कही जा रही थी.

करीब 10 गाड़ियों के नेटवर्क की आशंका
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान इस पूरे मामले में करीब 10 गाड़ियों के नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है. टीम ने मौके से वाहनों और मोबाइल फोन को जब्त किया है.अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और ग्रामीणों को किस उद्देश्य से जबलपुर ले जाया जा रहा था.

सभी ग्रामीणों का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण
कार्रवाई के बाद जिन ग्रामीणों को मरीज बताकर एकत्र किया गया था, उन्हें शहपुरा थाने लाया गया. यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की मेडिकल टीम ने सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया. प्राथमिक जांच में किसी भी ग्रामीण की हालत ऐसी नहीं मिली, जिसके लिए तत्काल जबलपुर रेफर करने की आवश्यकता हो.

आयुष्मान योजना में फर्जी क्लेम की आशंका
पूरे मामले में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर संभावित फर्जीवाड़े या क्लेम घोटाले की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी। पुलिस जब्त मोबाइल, वाहनों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है. प्रशासन अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अस्पताल की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच में जुटा है.



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