चीन में AI का साइडइफेक्ट! लोगों को लग रही ‘मिर्ची’-कंपनियां भर रहीं जुर्माना
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China AI: चीन में AI के बढ़ते असर के साइड इफेक्ट दिखने लगे हैं. जिन कंपनियों ने इसे लागू करके लोगों को नौकरियों से निकाला है वे कानूनी दांवपेंच का सामना कर रही हैं. जो बची हैं उन्हें लोगों ने बॉयकॉट की धमकी दे दी है. जिनपिंग की सरकार खुद कंफ्यूज है, वह एआई लागू करने का एक्शन प्लान भी बना रही है, साथ ही लोगों की नौकरी की चिंता भी कर रही है.
चीन में एआई के साइड इफेक्ट दिखने शुरू हो गए हैं. (फोटो-रॉयटर्स)
चीन में AI का तूफान ऐसा चला कि उससे कंपनियों के बर्बाद होने की नौबत आ रही है. लोगों को एआई से लगी मिर्ची ने कई कंपनियों को कोर्ट तक पहुंचा दिया है. जो बची हैं उन्हें बॉयकॉट करने की धमकी दी जा रही है. कई कंपनियों को तो एआई सिस्टम लागू करने के आदेशों को वापस लेना पड़ा है. जिन कंपनियों ने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था उन्हें दोबारा नौकरी देनी पड़ रही है. जिनपिंग सरकार खुद कंफ्यूजन में है. वह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने की बात कर रही है, लेकिन नौकरियों के प्रति चिंता भी सता रही है. हालात ऐसे हैं कि अब लोगों में इसे लेकर गुस्सा पनपने लगा है.
ताजा मामला चीन के मशहूर मिर्च ब्रांड लाओ गान मा का है. चीन में तकरीबन हर खाने की टेबल पर इस मशहूर ब्रांड का जार रखा दिख जाता है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में कंपनी के सामने ऐसा संकट खड़ा हुआ जिसका जवाब देते नहीं बन रहा. दरअसल ऑनलाइन एक पोस्ट में दावा किया गया है कि कंपनी ने एआई पावर्ड इंस्पेक्शन सिस्टम लगाने के बाद मिर्च छांटने वाले कर्मियों की संख्या 600 से घटाकर महज 48 कर दी है. पोस्ट वायरल होने के बाद कंपनी को बॉयकॉट किए जाने की धमकी दी जाने लगी. हालात ऐसे हो गए कि कंपनी को खुद इसके बचाव में आगे आना पड़ा.
क्या है पूरा मामला?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में कंपनी लाओ गान मा के एग्जीक्यूटिव डिप्टी जनरल मैनेजर और चीफ क्वालिटी ऑफिसर ली शिन ने एक कांफ्रेंस में बताया था कि उन्होंने एआई बेस्ट विजुअल इंस्पेक्शन शुरू कर दिया है. इसके बाद यह रिपोर्ट सामने आई कि इस वजह से कंपनी में कई लोगों की नौकरी चली गई. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बीजिंग फ्रंटलाइन वर्कर्स पर इसके नुकसानदायक असर को कम करते हुए AI को अपनाना चाहता है.
सरकार खुद कंफ्यूज?
चीन की सरकार की ओर से पिछले साल एआइ र्प्लस एक्शन प्लान पेश किया गया था, जिसका टारगेट 2027 तक स्ट्रैटजिक सेक्सर्ट में 70 प्रतिशत और 2030 तक 90 प्रतिशत एआई उपयोग का है. हालांकि इस साल से ही कंपनियों में एआई की वजह से होने वाले लेऑफ को लेकर कई लेबर विवाद जारी आए हैं. पिछले सप्ताह ही स्टेट काउंसिल ने गाइडलाइंस जारी कीं, जिसमें लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज की कंपनियों से कहा गया कि वे AI डिप्लॉयमेंट की रफ्तार और स्केल को लेकर सावधानी बरतें ताकि वर्क को कम परेशानी हो.
चीन में लगातार कोर्ट पहुंच रहे लोग
- चीन में कंपनियां जिन लोगों को नौकरी से बाहर निकाल रही हैं, उन्हें कोर्ट के आदेश के बाद वापस नौकरी देनी पड़ रही है. चीन के हांगझोऊ में एक फिनटेक कंपनी में झोउ नाम का 35 वर्षीय कर्मचारी AI मॉडल के जवाबों की गुणवत्ता जांचने का काम करता था. उसका काम ये देखना था कि एआई जवाब सही दे रहा है या गलत. जब कंपनी को लगा कि एआई सही जवाब दे रहा है तो उस कर्मचारी को ही नौकरी से निकाल दिया. कर्मचारी अदालत पहुंचा ओर हांगझोऊ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने कंपनी की कार्रवाई को गैरकानूनी माना और 2.6 लाख युआन से अधिक मुआवजा और नौकरी देने का आदेश दिया.
- ऐसा ही एक टेक कंपनी के ग्राफिक डिजाइनर के साथ हुआ. पहले संबंधित कर्मी से एआई पर काम कराया गया. इसके बाद नौकरी निकाल दिया गया. ग्वांगझोऊ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट में मामला पहुंचा और इसे गैरकानूनी माना गया. कंपनी को नौकरी और मुआवजा देानों देने के आदेश दिए गए. अदालत ने साफ कहा कि अगर कंपनी में तकनीकी बदलाव हो रहा है तो इसका पूरा जोखिम कर्मचारियों पर नहीं डाला जा सकता.
- बीजिंग की ही एक कंपनी में डाटा कलेक्टरों को नौकरी से निकाल एआई से काम कराया गया. मामला लेबर ऑर्बिट्रेशन पैनल के पास पहुंचा और कंपनी की कार्रवाई को गैर कानूनी माना गया. कोर्ट ने कहा कि एआई को अपनाना कंपनी का अपना फैसला है. ऐसी अप्रत्याशित स्थिति नहीं है, जिसके आधार पर कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया जाए.
चीन में लाखों नौकरियों पर खतरा
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एआई की वजह से तकरीबन 10 प्रतिशत यानी 7 करोड़ लोगों का रोजगार प्रभावित हो सकता है. इनमें 20 साल से कम उम्र के वाले कर्मचारी 13.6 प्रतिशत तक हो सकते हैं. इसी रिपोर्ट में चीन में एआई के बढ़ते ट्रेंड के बारे में बताया गया है. सरकार एआई बढ़ाने को लेकर चिंतित भी है और इससे जाने वाली नौकरियों की चिंता भी कर रही है.