बिंदी जैसा देश, अमेरिका से 7 हजार किमी की दूरी… फिर पोप ने क्यों किया वोट?
Agency:एजेंसियां
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पोप लियो XIV और ट्रंप प्रशासन के बीच गाहे-बगाहे टकराव की बात सामने आ ही जाती है. पिछले दिनों तो ट्रंप ने पोप को कमजोर तक बता दिया था. इसके जवाब में पोप ने कहा था कि वह कोई भी बात कहने से नहीं डरते. अब पाेप ने अमेरिकी चुनाव में वोट डाला है. वह ऐसा करने वाले इतिहास के पहले पोप हैं.
पोप लियो. Photo: REUTERS
अमेरिका के आम चुनाव में वेटिकन सिटी के प्रमुख पोप लियो XIV ने मतदान किया है. वह ऐसा करने वाले दुनिया के पहले पोप बन गए हैं. उन्होंने तकरीबन 7 हजार किमी दूर हो रहे चुनाव में मेल इन बैलेट के जरिए वोट डाला. अमेरिकी मीडिया के मुताबिक इसके लिए उन्होंने 3 अक्टूबर को अप्लाई किया था.
वेटिकन सिटी दुनिया के नक्शे पर बिंदी की तरह नजर आता है. हालांकि दुनिया भर के ईसाइयों के लिए ये सर्वोच्च आध्यात्मिक केंद्र है. यह ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप का आधिकारिक निवास स्थान माना जाता है. अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की वजह से इस पूरे देश को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया है. इसके अलावा इस देश को होली सी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है. होली सी के प्रेस ऑफिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक पोप ने ये वोट अमेरिकी नागरिक की तौर पर डाला है.
पोप लियो XIV असल में अमेरिका के नागरिक हैं. उनका जन्म शिकागो के इलिनोइस में हुआ था. जहां उनका नाम रॉबर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट था. कैथोलिक चर्च का पोप बनने के बाद भी उनके पास अमेरिका की नागरिकता है. अमेरिकी संविधान के हिसाब से देश में होने वाले आम चुनाव में वे सभी लोग वोट डाल सकते हैं, जिनके पास अमेरिका की नागरिकता है. भले ही वे विदेश में क्यों न रह रहे हों, या किसी भी देश के राष्ट्राध्यक्ष या धार्मिक प्रमुख क्यों न हों. वेटिकन सिटी के मुताबिक पोप का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में भाग लेना हर नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है. इसीलिए उन्होंने अपने कर्तव्य को निभाया है.
पोप लियो अमेरिकी नागरिक के तौर पर अब तक कई बार अपने वोट का इस्तेमाल कर चुके हैं. इलिनोइस स्टेट बोर्ड ऑफ़ इलेक्शन्स के रिकॉर्ड से पता चलता है कि रॉबर्ट प्रीवोस्ट ने 2000 के बाद से हर आम चुनाव में वोट दिया है. सिर्फ 2020 और 2022 के चुनाव में उन्होंने वोट नहीं दिया था. पोप लियो के मुताबिक जब भी वो वोट देने के योग्य थे, उन्होंने वोट दिया. वेटिकन सिटी के प्रवक्ता के मुताबिक पोप ने डेमोक्रेटिक प्रोसेस में हिस्सा लिया और अपने अधिकार तथा कर्तव्य का निर्वहन किया.
मिडटर्म चुनाव में पोप लियो ने इलिनोइस के लिए वोट डाला है. यहां गर्वनर जेबी प्रिट्जकर चुनाव में खड़े हैं. वे लंबे समय से कैथोलिक डेमोक्रेट डिक डर्बिन के रिटायरमेंट के बाद खाली US सीनेट सीट भी भर रहे हैं. पोप लियो का वोट इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इस पद पर चुने जाने से के बाद उनका लगातार ट्रंप और उनके प्रशासन से लगातार टकराव होता रहा है.
DW की एक रिपोर्ट के मुताबिक पोप लियो ने ईरान युद्ध, माइग्रेशन जैसे मुद्दे पर ट्रंप की आलोचना की थी. इस साल ही उन्होंने अमेरिका की 250वीं सालगिरह के जश्न का न्योता ठुकरा दिया था. अब तक ट्रंप और पोप की कभी मुलाकात नहीं हुई, लेकिन ट्रंप उन्हें कई बार कमजोर बता चुके हैं. इसके जवाब में पोप ने भी कहा था कि मैं ट्रंप के प्रशासन के बारे में जोर से बोलने से नहीं डरता, मैं युद्ध के खिलाफ आवाज जोरदार आवाज उठाता रहूंगा.
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